स्कूल में मोबाइल लाने पर पड़ी डांट से एक छात्रा इतनी क्षुब्ध हुई कि उसने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। घटना राजकीय इंटर कालेज के परिसर में हुई, जहां छात्रा का शव पेड़ के नीचे पड़ा मिला। परिजनों के आग्रह पर पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव सौंप दिया।
अतरौली क्षेत्र के गांव खेड़िया रफायतपुर निवासी निजी पशु चिकित्सक जानकी प्रसाद की दो बेटियां सुधा (16) व गुड्डी (15) सहनौल-विधिपुर के मध्य स्थित राजकीय इंटर कालेज में 11वीं की छात्रा थीं। दोनों एक ही साइकिल से आती थीं। सोमवार को स्कूल में चेकिंग के दौरान प्रधानाचार्य को सुधा के पास मोबाइल मिल गया। आरोप है कि इस दौरान एक टीचर ने सुधा की पिटाई भी कर दी, जबकि प्रधानाचार्य ने सुधा को अपने पिता को बुलाकर लाने की हिदायत दी। मगर सुधा ने यह बात घर नहीं बताई। इस पर किसी तरह प्रधानाचार्य ने पिता को खबर भिजवाई और बृहस्पतिवार को उसके लंच टाइम में पिता स्कूल पहुंचें।
इसी दौरान प्रधानाचार्य व पिता ने सुधा को बुलाकर डांटा। इसके कुछ देर बाद सुधा क्लास से गायब हो गई। उसे घंटों तलाशा गया। मगर कहीं कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार सुबह जब परिजन उसे तलाशते हुए स्कूल पहुंचे तो कैंपस में एक पेड़ के नीचे सुधा की लाश पड़ी थी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिवार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के आग्रह पर पुलिस ने पंचनामा भर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
शासन के निर्देश पर स्कूल में मोबाइल, गुटखा, पान मसाला आदि की चेकिंग होती है। सुधा के पास मोबाइल मिलने पर उसे समझाया गया था कि वह होनहार छात्रा है। मोबाइल आदि स्कूल लाना गलत है। बस इससे ज्यादा और कुछ नहीं हुआ।
-हरेंद्र सिंह यादव, प्रधानाचार्य