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जब एक लड़की ने पूछा, ‘पुलिस हमेशा देर से क्यों पहुंचती है सर’

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‘पुलिस हमेशा देर से क्यों पहुंचती है..? पहुंचने के बाद आरोपियों को पकड़ने के बजाए सूचना देने वाले को ही परेशान किया जाता है। पुलिस ऐसा क्यों करती है...? महिला हेल्पलाइन से कैसे और कितनी देर में मदद मिलती है...? आम आदमी थाने पर जाता है तो पुलिस आसानी से उसकी शिकायत क्यों नहीं दर्ज करती...?’ ये सारे सवाल राघव राम वर्मा बालिका इंटर कॉलेज, शिवपुर की छात्राओं ने पुलिस के सामने उठाए।
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शनिवार को कॉलेज में अमर उजाला की ओर से ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बेबाकी से सवाल पूछे। सीओ यातायात राजेश कुमार ने उनके सवालों का जवाब दिया। कहा कि कोई भी शिकायत सौ नंबर पर की जा सकती है। पुलिस पांच से दस मिनट के अंदर पीड़ित तक पहुंचेगी।

विद्यालय की कक्षा नौ की छात्रा आकांक्षा श्रीवास्तव ने साइबर क्राइम के बारे में पूछा। सीओ यातायात ने बताया कि इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें। जानने वाले लोगों को ही फे सबुक फ्रेंड बनाएं।
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सावधानी ही बचाव है। कक्षा 12 की छात्रा अंजू भारती ने कहा कि पुलिस विभाग की मनमानी, लापरवाही और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए क्या नियम कानून हैं। इसकी शिकायत हम कहां कर सकते हैं। सीओ ने कहा कि वाराणसी में एसएसपी से लेकर आईजी स्तर तक के अधिकारी बैठते हैं। उनसे शिकायत की जा सकती है। अधिकारियों के मोबाइल नंबर थानों पर लिखे होते हैं।
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पुलिसवालों से लोग डरते हैं

कक्षा 11 की ज्योति मिश्रा ने कहा कि सुनने में आता है कि पुलिस पैसे लेकर किसी भी केस को अपने मन मुताबिक बंद कर देती है, ऐसा क्यों। कॉलेज की शिक्षिकाओं ने भी पुलिस से जुड़े सवाल पूछे। अनुपमा सिंह ने पूछा कि कुछ पुलिस वालों की वजह से लोग पुलिस से डरते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती। ऐसे लोगों के खिलाफ तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शुचि स्मिता पांडेय ने कहा कि अव्यवस्थाएं होने के बावजूद मौके पर खड़े पुलिसकर्मी अकसर कुछ करते नहीं दिखते हैं, ऐसा क्यों। ऐसे ढेरों सवालों के जवाब सीओ यातायात ने दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार कि शिकायत करने में वे डरें नहीं। पहले 100 नंबर पर सूचना दें। कुछ ही देर में पुलिस उन तक पहुंचेगी।

यदि लगता है थाने की पुलिस सहयोग नहीं कर रही है तो ऊपर के अधिकारियों को फोन कर सूचना दे सकते हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुमन सिंह ने आगतों का स्वागत और प्रबंधक विनोद बागी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन अनुपमा सिंह ने किया।

‘अमर उजाला’ की यह सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से पुलिस का काम और आसान होगा। कानून के बारे में सभी को जानना चाहिए। सभी को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। पुलिस की पाठशाला से छात्राएं निश्चित रूप से सीख लेंगी। छात्राओं को खुलकर शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करने वाला कभी बदनाम नहीं होता। बदनाम तो आरोपी होता है।
-संतोष कुमार , सीओ यातायात
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