भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व मंत्री गिरिराज सिंह फरार हो गए हैं। पुलिस को वो अपने घर पर नहीं मिले। माना जा रहा है कि वो शुक्रवार को सरेंडर करेंगे।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि, ‘मैं कोर्ट के सामने बृहस्पतिवार को समर्पण करूंगा। मैं कानून, न्यायपालिका और चुनाव आयोग का सम्मान करता हूं। हालांकि मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैं कहां पर समर्पण करूंगा।’
भड़काऊ बयान देने पर गिरिराज के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से दो झारखंड के बोकारो व देवगढ़ में और एक पटना में दर्ज की गई है।
'मोदी का विरोध करने वाले पाकिस्तान चले जाएं'
बुधवार को बोकारो के सब डिवीजनल न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया। चुनाव आयोग ने भी बयान को गंभीरता से लेते हुए उन पर चुनावी प्रचार में भाग लेने पर रोक लगा दी है।
गत 18 अप्रैल को गिरिराज ने कहा था कि जो लोग नरेंद्र मोदी के पीएम बनने का विरोध कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए और केंद्र सरकार गौ मांस के निर्यात में टैक्स में छूट दे रही है।
सिटी पुलिस ने यह भी पुष्टि कर दी है कि उप अधीक्षक रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम झारखंड से गैर जमानती वारंट लेकर गिरिराज सिंह को गिरफ्तार करने के लिए रवाना हो चुकी है। गिरिराज सिंह ने भी कहा कि उन्हें पता है कि झारखंड से पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आ रही है।
राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह हो सकते हैं गिरफ्तार
चुनाव से जुड़े दो मामलों में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराजगंज लोकसभा सीट से सांसद और राजद उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह लापता हो गए हैं।
सारण के जिलाधिकारी और निर्वाचन अधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि वारंट पर कार्रवाई के लिए पुलिस सिंह को ढूंढ रही है, लेकिन वह जिले में मौजूद नहीं है। सूचना के मुताबिक वह दिल्ली चले गए हैं।
सिंह को इलाके का दबंग नेता माना जाता है। उनके खिलाफ कुछ आपराधिक मामले भी हैं। कथित तौर पर जिलाधिकारी को धमकाने और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में उनके खिलाफ दो मामले दर्ज हो चुके हैं।