रिटेल में एफडीआई के फैसले पर चौतरफा विरोध को दरकिनार कर यूपीए सरकार आर्थिक सुधारों पर फिर बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। इसके तहत सरकार पेंशन क्षेत्र को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोलने और बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 49 फीसदी तक करने का फैसला कर सकती है।
बृहस्पतिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में पेंशन और बीमा में एफडीआई के साथ ही विदेशी मुद्रा नियमन कानून (एफसीआरए), 12 वीं पंचवर्षीय योजना के मसौदे सहित कुछ और अहम मुद्दों पर भी विचार होने की संभावना है। पेंशन और बीमा में एफडीआई के मुद्दे पर फैसला लेने के लिए सरकार ने मन बना लिया है।
तृणमूल कांग्रेस के विरोध के चलते अभी तक ये दोनों ही प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़े हुए थे, लेकिन दो दिन पूर्व जिस तरह से वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कुछ और अहम फैसले लेने की घोषणा की थी। उससे संभावना है कि कैबिनेट इन प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है। हालांकि कैबिनेट की पिछली बैठक में भी इन प्रस्तावों को चर्चा के लिए रखा गया था, लेकिन तब इसे टाल दिया गया था। पेंशन क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोलते हुए इसमें 26 फीसदी विदेशी निवेश की मंजूरी देने का प्रस्ताव है, जबकि बीमा क्षेत्र में विदेश निवेश की सीमा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करने का प्रस्ताव है।
निवेश का माहौल सुधारने और कमोडिटी बाजार नियामक एफएमसी को मजबूत करने के लिए फॉरवर्ड कांट्रैक्ट रेगुलेशन एक्ट (संशोधन) बिल पर भी कैबिनेट में विचार किया जाएगा। सभी क्षेत्रों को कंपनी कानून के दायरे में लाने के लिए कंपनी बिल पर भी कैबिनेट विचार करेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय निवेश बोर्ड (एनआईबी) के गठन पर भी बैठक में चर्चा होगी। इसके जरिए ढांचागत परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने की बात है। बृहस्पतिवार की बैठक में बारहवीं पंचवर्षीय योजना का मसौदा भी चर्चा के लिए रखा जाएगा। 12वीं योजना का आकार लगभग 47.70 लाख करोड़ रुपये का है। जो 11वीं योजना के मुकाबले 135 फीसदी अधिक है।
गरीबों को 20 रुपये सस्ती मिलेगी दाल
पीडीएस में क्रांतिकारी बदलाव और राशन की दुकानों के जरिए बीपीएल परिवारों को रियायती दर पर दाल उपलब्ध कराने की योजना का प्रस्ताव भी कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके तहत बीपीएल परिवारों को प्रति किलो दाल पर 20 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। अभी तक इस योजना के तहत सरकार राशन की दुकानों के जरिए प्रति किलो दाल पर दस रुपये की सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के मकसद से राशन की दुकानों के आधुनिकीकरण की योजना का प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने राशन की दुकानों के कंप्यूटरीकरण की योजना का मसौदा तैयार किया है।