प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने देश की पहली सेमी हाई स्पीड रेलगाड़ी ‘गतिमान एक्सप्रेस’ का इंतजार कुछ लंबा ही खिंचता जा रहा है। रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की असंतुष्टियों के बीच अब कोहरे का भी पंगा फंस गया है। ऐसे में इस गाड़ी के अगले साल मार्च से पहले पटरी पर आने की उम्मीद बेहद कम है।
यह ट्रेन दिल्ली से आगरा के बीच की दूरी महज डेढ़ घंटे में तय करेगी। अब तक इसकी दो डेडलाइन बीत चुकी हैं। पहले इसे 30 नवंबर 2014 से चलाने की योजना थी। यह समय सीमा निकल गई तो कुछ और तैयारियों के बाद इस ट्रेन को इस साल जून में चलाने की बात कही गई।
इसे हरी झंडी दिखाने के लिए प्रधानमंत्री का समय लेने की तैयारी थी लेकिन इस बार भी डेडलाइन बीत गई। अधिकारी बताते हैं कि इस ट्रेन के परिचालन की मंजूरी के लिए सीआरएस के पास अक्तूबर 2014 में आवेदन किया गया था और तब से बस ट्रायल ही हो रहा है।
सीआरएस के पिछले ट्रायल में रोलिंग स्टॉक तो पास हो गया लेकिन वह ट्रैक फेंसिंग और कुछ अन्य कार्यों से संतुष्ट नहीं हुए। इसमें सुधार की सिफारिश की गई है।