घरेलू गैस सिलेंडरों पर कैप संबंधी यूपीए सरकार के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरने के बाद भाजपा अब इस आंदोलन को और तेज करने जा रही है। चूंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर लोगों के किचन और घरेलू बजट से जुड़ा है, इसलिए भाजपा ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में इसे बड़े मुद्दे के तौर पर उठाने का फैसला किया है।
इन दो राज्यों के चुनाव के लिए मैदान में उतर चुकी भाजपा के प्रमुख मुद्दों में गैस सिलेंडर भी शामिल हो गया है। शुक्रवार को भाजपा ने देशभर में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना व प्रदर्शन करके अपना गुस्सा जताया। अब इस मसले पर आंदोलन तेज करने की योजना है। यह कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा के बैनर तले हुआ। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली समेत कई बड़े नेता इस आंदोलन में शामिल हुए, लेकिन अब पार्टी खुद अपने बैनर तले एक बड़े देशव्यापी कार्यक्रम की योजना बना रही है।
भाजपा का मानना है कि गैस सिलेंडर मामले से समाज का लगभग हर तबका प्रभावित हुआ है। इसलिए पार्टी ने हिमाचल व गुजरात चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ उठाए जाने वाले मुद्दों में महंगाई, टूजी, कोल ब्लॉक आवंटन, भ्रष्टाचार, कालाधन और कुशासन के साथ अब गैस सिलेडर को भी शामिल किया है। माना जा रहा है कि इन चुनावों की तिथि जैसे-जैसे निकट आएगी, वैसे-वैसे भाजपा इस मुद्दे को और तेजी से उठाएगी।