कानपुर के चकेरी में शनिवार रात एक शादी समारोह से घर लौट रही 8 साल की मासूम को दरिंदों ने हवस का शिकार बना डाला। बच्ची लहूलुहान हालत में घर के पास एक मैदान में पड़ी मिली। परिजनों ने चकेरी पुलिस को सूचना दी और बच्ची को हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार दोपहर उसका ऑपरेशन किया गया। डाक्टरों ने बच्ची की हालत नाजुक बताई है।
श्यामनगर में रहने वाले एक ट्रांसपोर्टर की बेटी श्यामनगर के ही स्कूल में कक्षा एक की छात्रा है। पिता ने बताया कि शनिवार को मोहल्ले के एक परिवार का मोहिनी वाटिका में शादी समारोह था, जिसमें वह परिवार सहित गए थे। कुछ काम की वजह से वह वहीं रुक गए जबकि बेटी मोहल्ले के बच्चों और महिलाओं के साथ घर के लिए निकल गई। रास्ते में वह गुम हो गई।
महिलाओं ने समझा कि वह दोबारा वाटिका चली गई। करीब आधे घंटे बाद वह पास के एक मैदान में लहूलुहान मिली और परिजनों को देखकर बेहोश हो गई। कुछ देर बाद होश में आने पर उसने पूरी बात बताई और फिर बेहोश हो गई।
पिता ने बताया कि लड़की को वहशी बाउंड्री वाले खाली प्लाट में ले गए और रेप के बाद बाहर छोड़कर भाग गए। प्लाट की बाउंड्री 4 से 5 फुट ऊंची है। उन्होंने कहा कि अकेला शख्स जबरदस्ती किसी लड़की को प्लाट में नहीं ले जा सकता। ऐसे में बच्ची से गैंगरेप किया गया है। बच्ची ने शोर मचाने पर मुंह दबा देने की बात बताई है। बच्ची को परिजन पहले उर्सला फिर मधुराज और बाद में हैलट लेकर पहुंचे।
उधर, ट्रांसपोर्टर के करीबी मित्र की कार के बोनट पर ईंट-पत्थर फेंकने के भी निशान मिले, जिससे इस मामले को किसी खुन्नस से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चकेरी थानाप्रभारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बच्ची बात करने की स्थिति में नहीं है, जिस कारण बयान नहीं लिया जा सका।