गैंगरेप के बाद बीते दस दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही पीड़ित युवती की हालत बुधवार को नाजुक हो गई। युवती की लगातार बिगड़ती हालत से इलाज कर रहे चिकित्सक चिंतित नजर आए। मगर ना तो अस्पताल प्रशासन और ना ही डॉक्टरों की टीम से बात करने के लिए कोई मीडिया के सामने आया।
अस्पताल प्रशासन व पीड़ित युवती का इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल बुलेटिन भी जारी नहीं किया। डॉक्टरों की ओर से आखिरी बार मंगलवार शाम पांच बजे मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया था। मंगलवार देर रात लड़की के हालत फिर बिगड़ने की खबर आई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम के अलावा लड़की की हालत के बारे किसी और को कोई जानकारी नहीं है।
बुधवार को गुड़गांव मेदांता अस्पताल के डॉ. नरेश त्रेहन, दिल्ली जी. बी. पंत अस्पताल के जीआई सर्जरी विभाग के डॉ. अनिल अग्रवाल पीड़िता की स्वास्थ्य जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल पहुंचे। मगर दोनों में से कोई बात करने के लिए सामने नहीं आया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवती की हालत बिगड़ रही है।
बुधवार शाम को डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल बुलेटिन जारी करने के लिए प्रेसवार्ता भी रद्द कर दिया। खबर लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन में वरिष्ठ चिकित्सकों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, पीड़ित युवती के परिजनों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक चल रही थी।
मीडियाकर्मियों को किया बाहर सुरक्षा बढ़ाई
सफदरजंग अस्पताल में बुधवार दोपहर बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। शाम को जारी होने वाला मेडिकल बुलेटिन की प्रेसवाता रद्द करने के बाद मीडियाकर्मियों को भी अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।
विरोध करने के बाद भी जबरन उन्हें अस्पताल से बाहर निकाला गया। सभी गेटों पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिया गया है। गहन जांच के बाद लोगों को अस्पताल के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है