वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को इंसाफ दिलाने सड़कों पर उतरे निकले दिल्लीवासियों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। तीन दिन पहले पुलिस की लाठी खाने के बावजूद सैकड़ों पदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को निजामुद्दीन से शांतिपूर्ण मार्च निकाला।
उधर लाठी चार्ज पर आलोचना झेल रही दिल्ली पुलिस ने नरम रूख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट पर पहुंचने से रोकने के लिए कड़ा इंतजाम कर रखा था। बृहस्पतिवार दोपहर बाद निजामुद्दीन के शाह बुर्ज गोल चक्कर पर कई सामाजिक संगठनों से लोग इकट्ठा हुए।
‘अब औरत के लिए न्याय’ बैनर तले लोगों ने डा. जाकिर हुसैन मार्ग से इंडिया गेट की तरफ मार्च किया। पुलिस ने धारा 144 लगाकर आंदोलनकारियों को बीच रास्ते में रोकने का इंतजाम कर रखा था। प्रदर्शनकारियों को रोकने की पहली नाकाम कोशिश निजामुद्दीन फ्लाईओवर पर की गई।
प्रदर्शनकारी दिल्ली गोल्फ कोर्स से आगे बढ़ने में कामयाब रहे। लेकिन आगे सिग्नल के दोनों तरफ पुलिस ने भारी फोर्स तैनात करने के साथ बैरीकेटिंग भी कर थी। प्रदर्शनकारियों के बैरीकेट तक पहुंचने से पहले वरिष्ठ अधिकारी आगे आए और लोगों को समझाने की कोशिश की। साथ ही कुछ दूरी पर भारी संख्या में अर्ध सैनिक बल व वाटर कैनन की तैनाती और जवानों के हाथों में झूलते आंसू गैस के गोलों के डब्बे से यह भी जताया गया कि सरकार का रवैया ढीला नहीं है।
थोड़ी देर कहा-सुनी होने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि किसी भी कीमत पर पदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर का हटाने के साथ 100 दिनों के अंदर देश में लंबित एक लाख से ज्यादा दुष्कर्म के मामलों का निपटारा किया जाए।
इसके अलावा संसद का विशेष सत्र बुलाकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाए और यौन प्रताड़ना के सारे मामलों में एफआईआर दर्ज हो। प्रदशनकारियों ने कहा कि महिलाओं के लिए सुलभ और सुरक्षित सावर्जनिक परिवहन सुविधा मुहैया कराई जाए।
जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन, कैंडल मार्च
पीड़िता के समर्थन में बृहस्पतिवार दिन-भर जंतर-मंतर पर भी लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों की मांग थी कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए। देर शाम दिल्ली के कई इलाकों में कैंडल मार्च भी निकाला गया।