कहते हैं तोहफा तो अनमोल होता है और उस तोहफे की कीमत तो और ज्यादा बढ़ जाती है, जिसे किसी महापुरुष ने दिया हो।
हम एक ऐसे ही तोहफे की बात करने जा रहे हैं जो देखा जाए तो बहुत मामूली सा था मगर अब बेशकीमती है।
दरअसल महात्मा गांधी ने साल 1920 में अपने एक दोस्त को एक जोड़ी सैंडिल दिए थे और गांधी से जुड़ी याद के तौर पर इन्हें नीलामी के लिए रखा जाएगा।
उम्मीद की जा रही है कि यह सैंडिल 12 लाख रुपये से भी ज्यादा कीमत में नीलाम होगी।
आठ नंबर की इस ऐतिहासिक सैंडिल में आधे इंच का हील है। दरअसल महात्मा गांधी से जुड़ी कई चीजों को नीलाम किया जा रहा है और यह सैंडिल उसी का हिस्सा है।
हालांकि ये सैंडिल बहुत अच्छी हालत में नहीं हैं लेकिन यह बात कोई बहुत मायने नहीं रखती।
इसके अलावा गांधी जी के आदर्श बुरा न बोलो, बुरा न सुनो और बुरा न देखो को परिभाषित करने वाले बंदरों के लघु रूप को भी नीलामी में रखा जाएगा।
गांधी जी ने जुहू में रहने के दौरान अपना बहुत सा सामान अपने दोस्तों में बांट दिया था। वही सारा सामान धरोहर के रूप में आज तक उन दोस्तों के घरों में सुरक्षित था। जिसे उन्होंने अब नीलाम करने का फैसला किया है।
नीलामी घर के अधिकारी ने बताया कि हम पिछले कई सालों से गांधी जी से जुड़े सामानों की नीलामी कर रहे हैं। इसमें दुनियाभर से लोग हिस्सा लेने आते हैं।
सैंडिल के अलावा गांधी जी से जुड़ी कई तस्वीरें और उनकी पूजा की माला को भी नीलाम किया जाएगा।
श्रॉपसायर में मुलौक्स नीलामी घर के तहत 21 मई को गांधी जी के इन सामानों की नीलामी की जाएगी।