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पत्नी का वजन बढ़ा तो मांगा तलाक

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बांबे हाई कोर्ट ने कहा है कि विवाह के बाद वजन बढ़ना तलाक का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस एमएस सोनाक और एएस ओका की बेंच ने इस तर्क के साथ पत्नी का वजन बढ़ने के कारण तलाक की मांग कर रहे एक पति की याचिका खारिज कर दी।
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याचिका में कहा गया था कि पत्नी ने शादी से पहले ब्रेस्ट सर्जरी कराने की बात छिपाई, जिसकी वजह से बाद में उसका वजन बहुत बढ़ गया। पति का कहना है कि पत्नी के बढ़े हुए वजन से वह वैवाहिक जीवन का आनंद नहीं ले सकता।
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'पत्नी ने पूरी नहीं की इच्छाएं'

याचिका में पति ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद पत्नी का वजन तेजी से बढ़ने लगा। उसका कहना था कि उसने पत्नी को इलाज के लिए समझाया, लेकिन पत्नी ने सहयोग नहीं किया।

उसने आरोप लगाया कि पत्नी ने उसकी इच्छाएं कभी पूरी नहीं कीं और पत्नी का दायित्व नहीं निभाया।

कोर्ट ने कहा कि पति ने पहले स्वीकार किया है कि उनका विवाह पूर्णता तक पहुंचा। पति की शिकायत सिर्फ यह थी कि उसकी पत्नी का वजन अधिक था और यह तलाक का आधार नहीं हो सकता।
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