शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के बयान को लेकर मचे बवाल पर चिंता जाहिर की है। ठाकरे ने कहा है कि गडकरी के साथ स्वामी विवेकानंद पर दिए बयान को लेकर बिलकुल वैसा ही बवाल हो रहा है कि जैसा कि लालकृष्ण आडवाणी के साथ उनके जिन्ना पर दिए को बयान को लेकर हुआ था।
पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना पर दिए बयान को लेकर आडवाणी को भाजपा अध्यक्ष पद से हटना पड़ा था। शिवसेना के मुखपत्र सामना में ठाकरे ने लिखा है कि जिन्ना पर टिप्पणी को लेकर आडवाणी को पद गंवाना पड़ा, अब गडकरी को स्वामी विवेकानंद पर दिए बयान ने झटका दिया है।
हालांकि गडकरी ने साफ किया है कि उन्होंने स्वामी विवेकानंद की तुलना दाऊद से नहीं की, लेकिन उनकी पार्टी के किसी नेता ने अब तक उनके पक्ष में कुछ नहीं बोला। अब तो गडकरी को यह भी संदेह होने लगा है कि टिप्पणी पर विवाद के बाद आरएसएस का समर्थन उन्हें मिलेगा या नहीं।
गडकरी की स्थिति वैसी है, जैसे सुख के सब साथी, दुख में ना कोय। मालूम हो कि भोपाल में एक कार्यक्रम में शिरकत कहते हुए गडकरी ने कह दिया था कि विवेकानंद और दाऊद का आईक्यू स्तर एक ही है, लेकिन विवेकानंद ने इसका इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए किया, जबकि दाऊद ने बुरे कामों के लिए।
गौरतलब है कि आडवाणी के जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष करार देने पर बवाल मच गया था। उन्हें इसके बाद भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था।