फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मैं जांच को तैयार, क्या वाड्रा की भी जांच कराएगा केंद्र'

Wed, 31 Oct 2012 11:11 PM IST
मुंबई/अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
खुद पर लगे आरोपों से अभी तक असहज नजर आ रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी बुधवार को मुंबई पहुंचकर आक्रमण की मुद्रा में नजर आए। उन्होंने केंद्र और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। गडकरी ने जहां एक बार फिर दोहराया कि वे अपने ऊपर लगे सभी आरोपों की जांच के लिए तैयार हैं, वहीं सरकार को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की जांच करने की भी चुनौती दे डाली।
विज्ञापन


गडकरी ने साथ ही शरद पवार और अजय संचेती से व्यावसायिक रिश्तों की बात को भी सिरे से खारिज कर दिया। कांग्रेस पर खुद को बदनाम करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अपने मंत्रियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों और घोटालों से बौखलाई कांग्रेस, कुछ मीडिया घरानों के साथ मिलकर मुझे निशाना बना रही है। मैं अपने ऊपर लगे सभी आरोपों की जांच के लिए तैयार हूं, लेकिन क्या केंद्र सरकार वाड्रा पर लगे आरोपों की जांच कराएगी।

अपनी कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर के लेनदेन के बारे में सफाई देते हुए गडकरी ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है, न ही मैंने किसानों की जमीन हड़पी है। मेरी कंपनी के शेयर 12 हजार किसानों के पास हैं। जिन कंपनियों ने पूर्ति में निवेश किया वे कंपनियां कहां से पैसे लाईं, इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मुझे पहले भी हत्या, बलात्कार और आदर्श घोटाले में फंसाने की कोशिश की गई जो बाद में गलत साबित हुई।
विज्ञापन



मेरे पास साढ़े 12 करोड़ से अधिक की संपत्ति नहीं
इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल द्वारा किसानों की भूमि कब्जाने के आरोपों पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। जिन किसानों की भूमि कब्जाने का आरोप मुझ पर लगाया गया है वे यहां मेरे साथ ही मंच पर खडे़ हैं। मैं विदर्भ के किसानों के हित में काम कर रहा हूं।

गडकरी ने कहा कि मेरे भाजपा अध्यक्ष बनते ही मुझे बदनाम करने की साजिश की जाने लगी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मेरी संपत्ति एक हजार करोड़ रुपये के करीब होने का दावा किया है लेकिन मेरे पास साढे़ 12 करोड से अधिक की संपत्ति नहीं है।

गडकरी के अनुसार 12 साल पहले जब मैं मंत्री था तो मुंबई-पुणे एक्सप्रेस हाइवे का निर्माण 1600 करोड़ रुपये में निर्धारित समयसीमा के अंदर कराया जबकि इसके लिए 3200 करोड़ और 3600 करोड़ का टेंडर भरा गया था। मेरे कार्यकाल में जिस बांध को 400 करोड़ में पास किया गया था।

उसकी लागत को कांग्रेस-राकांपा सरकार ने 1800 करोड़ पहुंचा दिया, बावजूद इसके वह बांध अभी तक नहीं बना। मराठवाड़ा के किसानों को मेरे शासन काल में पानी की सुविधा के लिए 180 करोड़ की योजना पारित हुई और कांग्रेस के शासन में इसकी लागत 14 हजार करोड़ हो गई।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें