लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा के चुनाव प्रबंधन की कमान पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी संभालेगी। भाजपा अब जल्दी ही गडकरी की दोबारा ताजपोशी करने के बाद मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपने का फैसला कर चुकी है।
प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा के भीतर जारी संघर्ष के चलते मोदी को अभी सिर्फ चुनाव अभियान समिति का जिम्मा सौंपा जाएगा। चूंकि कांग्रेस भी राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों के चयन समिति की कमान सौंप चुकी है, इसलिए माना जा रहा है कि राहुल के सामने मोदी को खड़ा करने की रणनीति के तहत ही भाजपा ने यह फैसला किया है।
कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों के चयन के लिए जो समिति बनाई है, उसमें राहुल गांधी का नाम सबसे ऊपर रखा गया था। इससे यह संदेश गया है कि राहुल ही इस समिति के प्रमुख हैं।
बहरहाल, मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपने से पहले उन्हें पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड में भी लाया जाएगा। इससे वह नौ राज्यों तथा लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन के मामले में भी सीधे दखल दे सकेंगे। इस साल अब नौ राज्यों के चुनाव भी हैं, इसलिए भाजपा चुनाव अभियान समिति के बहाने मोदी का अभी से देशभर का दौरा भी कराएगी।
मोदी के नाम पर बिदकने वाले जदयू जैसे दलों को एनडीए से अलग होने का सीधा बहाना भी नहीं मिल पाएगा। गुजरात में हैट्रिक बनाने के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा में मोदी की केंद्र में भूमिका को लेकर मंथन चल रहा था। अब यह तय हो चुका है कि गडकरी दोबारा पार्टी की कमान संभालेंगे जबकि मोदी मुख्यमंत्री रहने के साथ ही पार्टी के चुनाव अभियान समिति संभालेंगे।