भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है। चर्चा है कि दिग्ग्ज नेता लाल कृष्ण पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष हो सकते हैं। आज शाम पांच बजे भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हो रही है, जिसमें गडकरी के भविष्य पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, राम जेठमलानी द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के बाद गडकरी ने पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली से मुलाकात की है।
पार्टी के अन्य नेताओं की आपसी मुलाकातों में भी एकाएक तेजी आ गई है। गडकरी विरोधी खेमे में माने जा रहे बलबीर पुंज और गुरुमूर्ति ने लाल कृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज से उनके घर पर मुलाकात की। धर्मेंद्र प्रधान और सुषमा स्वराज की भी मुलाकात हुई। यशवंत सिंहा ने भी आज सुषमा से मुलाकात की है।
इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता राम जेठमलानी ने आज प्रेस कांफ्रेस कर नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की। गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के कई सीनियर लीडर गडकरी को अध्यक्ष पद से हटाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि जशवंत सिंह, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा इस मुद्दे पर उनके संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों की मांग है कि गडकरी को तत्काल अध्यक्ष पद छोड़ देना चाहिए। जेठमलानी ने बताया कि वह इस मुद्दे पर लाल कृष्ण आडवाणी और नितिन गडकरी को पत्र भी लिख चुके हैं। हांलाकि कांफेंस में पत्र के बारे में अधिक जानकारी देने से उन्होंने मना कर दिया।
गौरतलब है कि राम जेठमलानी ने पिछले महीने भी गडकरी का इस्तीफा मांगा था। उन्होंने कहा कि गडकरी को अध्यक्ष के रूप में दूसरा कार्यकाल नहीं दिया जाना चाहिए। अगर ऐसा किया जाता है तो पार्टी को 2014 लोक सभा चुनावों में नुकसान होगा। गडकरी का अध्यक्ष पद से हटाए जान के मुद्दे पर ही कल जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी से इस्तीफा दे दिया था।
पिछले महीने अरविंद केजरीवाल द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद से ही गडकरी आलोचनाओं के घेरे में है। उनकी कंपनियों की फंडिग में कथित धांधली की जांच सरकार ने भी शुरु कर दी है। भोपाल में एक कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद की तुलना दाऊद इब्राहीम से करके भी वह विवादों में फंस चुके हैं।