भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर से संबंधित व्यावसायिक संस्थानों के नकली पतों के बारे में जानकारी जुटाने में कंपनी ऑफ रजिस्ट्रार और आयकर विभाग के अधिकारी जुटे हुए हैं। ये अधिकारी दो दिनों से मुंबई, पुणे और नवी मुंबई के महानगर पालिका के वार्ड कार्यालयों में इन पतों को खंगाल रहे हैं।
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सबसे पहले गडकरी की कंपनी से जुड़ी कंपनियों की जांच का काम आयकर विभाग की पुणे विंग को सौंपा गया। शुक्रवार को दिन भर इस विभाग के अधिकारी मनपा के एक वार्ड से दूसरे वार्ड कार्यालयों में जाकर पूर्ति में रकम निवेश करने वाली 20 से 22 कंपनियों के कागजात और उनके कार्यालयों के पतों को ही खंगालने में जुटे रहे।
इस टीम को एक महीने के अंदर जांच पूरी कर सीबीडीटी को रिपोर्ट देनी है। अधिकारियों को हैरानी इस बात की है कि पूर्ति में पैसा लगाने वाली सारी की सारी कंपनियों के कार्यालय किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए आरक्षित स्थानों पर न होकर झोपड़ पट्टियों, खोलियों, चालों और किरायों के मकानों में हैं।
इसी तरह मुंबई आयकर विभाग की एक टीम नवी मुंबई में कुछ कंपनियों के पते खंगाल रही है। 70 लाख से करोड़ों तक का कारोबार करने वाली इन सारी की सारी कंपनियों में से कुछ के पते तो नकली निकले हैं।