अंतरिक्ष कार्यक्रम के महात्वाकांक्षी अभियान चंद्रयान- दो के लिए बजट कटौती में संसदीय समिति ने सवाल खड़े किए हैं। समिति ने कहा है कि विश्व में देश के गौरव और मान को बढ़ाने वाले इस मिशन में वित्तीय संकट का ग्रहण नहीं लगना चाहिए।
अंतरिक्ष विभाग इस महत्वपूर्ण मिशन में जुटा हुआ है और भारत के दूसरे चंद्र मिशन के परिक्रमा लैंडर रोवर को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की कोशिशें तेज हैं। अंतरिक्ष विभाग के अनुसार यह पूर्णत: स्वदेशी मिशन है जो चंद्रमा के सतह पर एक परिभ्रमक को उतारने और उसकी गति नियंत्रित करने की क्षमता साबित करेगा।
इससे चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास में के बारे में और जानकारियां जुटाई जा सकेंगी। चंद्र नमूनों का विश्लेषण भी इस मिशन का उद्देश्य है। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम लगातार काम कर रही है। अंतरिक्ष विभाग से संबंधित संसदीय समिति ने मिशन की समीक्षा करते हुए इसके बजटीय प्रावधान में कटौती पर चिंता जताई है।
समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि 2014-15 में मिशन के संशोधित बजट आकलन के आवंटन में कटौती हुई। इसके अलावा 2015-16 में बजट आकलन स्टेज पर पिछले साल की तुलना में 20 करोड़ की कटौती हुई है।
समिति ने सिफारिश में कहा है कि फंड का अभाव मिशन को पूर्ण करने में अड़चनें पैदा करे, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।