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10 साल में कितनी बार बीमार पड़े नरेंद्र मोदी?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर, 2014 में कितने गैस सिलेंडर इस्तेमाल किए थे? उनकी वाईफाई की स्पीड क्या है? उन्होंने पिछले 10 सालों में बीमारी की कितनी छुटि्टयां ली? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर से कई ऐसे अटपटे सवाल पूछे गए हैं, जिन्होंने सूचना के अधिकार के दुरुपयोग की बहस छेड़ दी है। सरकार और नौकरशाही को जवाबदेह बनाने के लिए शुरू किए गए सूचना के अधिकार कानून के तहत ऐसे सवाल पूछे जाने पर कानून की उपयोगिता पर सवाल उठने लगा है।
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हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, एक आवेदनकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत ऐसे दस्तावेज मांगे हैं, जिनसे ये साबित हो सके कि मोदी प्रधानसेवक हैं नकि प्रधानमंत्री। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर अपने भाषणों में कहते रहते हैं कि वे प्रधान मंत्री नहीं बल्कि देश के प्रधान सेवक है।

सूचना के अधिकार के तहत पीएम के रसोईघर के खर्चों के बावत सवाल किया गया है। ये भी जवाब मांगा गया है कि उन्होंने संविधान पढ़ा है कि नहीं या कि उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है?
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पीएमओ ने कई सवालों का जवाब नहीं दिया

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार पर ये आरोप लगता रहा है कि वो मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति में देरी कर सूचना के अधिकार के कानून को कमजोर करना चाहती है। सरकार ऐसे सवालों के जवाब देने से बचना चाहती है, जो उसे परेशान करते हों? इसलिए भी वह आरटीआई को कमजोर करने के फिराक में हैं।

हालांकि जानकारों का मानना है कि सूचना के अधिकार के तहत बेतुके सवाल पूछे जाने पर कानून को ही नुकसान होगा। कानून असल मकसद से भटक जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी के स्टाफ, तनख्वाह आदि सवालों का जवाब नहीं दिया है।

प्रधानमंत्री के कार्यालय और घर पर आनेजाने वालों के बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि ऐसे सवालों का जवाब देने से देश की संप्रुभता और एकता को नुकसान हो सकता है।
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मोदी के दफ्तर क्या है इंटरनेट स्पीड?

केंद्रीय सूचना आयुक्त समक्ष फिलहाल 35,000 आवेदन पड़े हुए हैं और स्टाफ के अभाव में उनका जवाब नहीं दिया जा रहा है। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सूचना आयोग की रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने को कहा था।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सूचना के तहत कई अटपटे सवालों को जवाब भी दिया है। मसलन एक सवाल में जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि मोदी ने जब से बतौर पीएम कामकाज संभाला है कि बीमारी की एक भी छु्ट्टी नहीं ली है।

शैक्षणिक योग्यता की बावत पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया है कि मोदी राजनी‌‌ति शास्त्र से परास्नातक हैं। सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया गया है कि पीएमओ में इंटरनेट की स्पीड 34 एमबीपीएस है।
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