प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ढाका से शुरू हुई दोस्ती को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी योग का भव्य आयोजन कर और पुख्ता करना चाहती हैं। भले ही तब इसके लिए उन्हें अपने पारंपरिक वोट बैंक को भी दांव पर लगाना पड़े। पीएम मोदी की अपील पर सकारात्मक रवैया अपनाते हुए ममता ने 21 जून को राज्य में भव्य तरीके से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का फैसला किया है।
उनके इस फैसले से अल्पसंख्यक तबका बेचैन है, लेकिन मोदी के साथ अपनी नई दोस्ती को निभाने के लिए ममता योग के भव्य आयोजन का मौका नहीं चूकना चाहती। हालांकि इससे पहले ममता मोदी की लगभग हर योजना का विरोध करती रही हैं।21 जून को योग के भव्य आयोजन के लिए केंद्र के साथ तालमेल की जिम्मेदारी युवा कल्याण मंत्री अरूप विश्वास को सौंपी गई है। विश्वास के
मुताबिक, दीदी (ममता) ने इस कार्यक्रम को भव्य तरीके से आयोजित करने का निर्देश दिया है। महानगर में यह कार्यक्रम नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। तीन घंटे तक चलने वाले इस योग कार्यक्रम में कम से कम 100 योग विशेषज्ञों को शामिल करने की योजना है। ममता के इस फैसले से राज्य के अल्पसंख्यक तबके में असंतोष पैदा हो रहा है।