सालाना पांच लाख रुपये से कम आय वाले अभिभावकों और उनके बच्चों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों (सभी पाठ्यक्रम) में अब पांच लाख से कम आय वालों के बच्चों को मुक्त शिक्षा मिलेगी। यह नियम राज्य विश्वविद्यालयों के साथ निजी विवि पर भी लागू होगा। इसके लिए शासन ने सभी शिक्षण संस्थानों से इस आय सीमा में आने वाले छात्रों की संख्या का ब्योरा मांगा है।
इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश शासन की विशेष सचिव अनिता मिश्रा ने विश्वविद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सभी विश्वविद्यालय के शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालय और निजी विश्वविद्यालयों से मौजूदा सत्र में पढ़ रहे पांच लाख रुपये आय तक के अभिभावक व परिवार के छात्रों का सर्वेक्षण कराते हुए आख्या और संस्तुति मांगी गई है। यह जानकारी सभी वर्गों के छात्रों के बारे में मांगी गई है। शासन ने शून्य से दो लाख रुपये और दो से पांच लाख रुपये तक आय वाले परिवार के छात्रों का ब्योरा अलग-अलग मांगा है।
कॉलेजों को यह जानकारी अगले एक सप्ताह तक देनी होगी, जिसके आधार पर विश्वविद्यालय अपनी संस्तुति शासन को देगा। छात्रों की संख्या का आंकलन के बाद योजना को लागू कर दिया जाएगा। योजना लागू होने के बाद इंजीनियरिंग संस्थानों में 4.5 लाख रुपये तक आय वाले लोगों के बच्चों को दी जाने वाली 5 फीसदी सीटों पर मुक्त शिक्षा की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी। छात्र सीधे इस नई योजना का ही लाभ उठाएंगे।