उत्तर प्रदेश के हाईस्कूलों में पढ़ने वाले 21 हजार विकलांग विद्यार्थियों को सरकार चालू वित्तीय वर्ष में 49 करोड़ रुपए की लागत से सभी सुविधाएं नि:शुक्ल मुहैया कराएगी। विद्यार्थियों को यह सुविधा केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विकलांग बच्चों की समेकित शिक्षा योजना (आईईडीएसएस) के तहत उपलब्ध होगी। वर्तमान में यह सुविधा सूबे के प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले विकलांग विद्यार्थियों को उपलब्ध है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में नौवीं कक्षा से लेकर बारहवीं तक पढ़ने वाले विकलांग विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 97 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव बना कर दिया था। लेकिन केंद्र के प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड (पैब) ने राज्य सरकार के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव पर 49 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
योजना के तहत हाई स्कूलों में पढ़ने वाले विकलांग विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा सभी तरह के विकलांग सहायता उपकरण, पठन-पाठन सामग्री, यूनिफार्म और विशेष शिक्षकों की सुविधा नि:शुक्ल उपलब्ध होगी।
गौरतलब है कि गत वर्ष योजना के तहत करीब 2 करोड़ रुपए का बजट केंद्र सरकार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को दिया था लेकिन तत्कालीन विभागीय सचिव और निदेशक द्वारा योजना में रुचि नहीं लेने की वजह से योजना शुरू नहीं हो पाई। अब वर्तमान सचिव पार्थ सारथी शर्मा की पहल से योजना को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू की गई है।