गुड़गांव और फरीदाबाद में सर्विलांस सिस्टम लगाने के लिए दिल्ली के एक व्यक्ति बाबू जोसेफ ने जर्मनी की एक कंपनी का फर्जी भारतीय प्रतिनिधि बनकर हरियाणा पुलिस से 59 करोड़ का टेंडर हासिल कर लिया।
हालांकि चूना लगाने से पहले ही बाबू की चालबाजी हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की जांच में सामने आ गई।
ब्यूरो महानिदेशक परमिंदर राय ने जोसेफ के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी कागजात तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।
ब्यूरो महानिदेशक ने इस टेंडर प्रक्रिया में शामिल दो सीनियर अफसरों एक आईएएस और एक आईपीएस के खिलाफ भी कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
ब्यूरो ने रिपोर्ट मुख्य सचिव पीके चौधरी के पास भेज दी है। रिपोर्ट पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे। उन्होंने ही विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।
दूसरे से लगभग आधी कीमत का भरा टेंडर :
राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एनसीआर क्षेत्र के फरीदाबाद और गुड़गांव में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सर्विलांस सिस्टम लगाने का फैसला किया गया था। इसके लिए पुलिस ने हारट्रान के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की।
सबसे पहले तकनीकी बोली मांगी गई। तकनीकी बोली में सफल रहने वाली कंपनियों से वित्तीय बोली मांगी गई। जर्मनी की एक कंपनी की भारतीय सहायक कंपनी लेवल वन कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि के तौर पर बाबू जोसेफ ने 59.59 करोड़ रुपये का टेंडर भरा।
दूसरे नंबर पर रहने वाली कंपनी की बोली 106 करोड़ रुपये थी जबकि अन्य आठ कंपनियों की बोली इससे भी ज्यादा थी। जोसेफ ने बाद में गारंटी के तौर पर करीब छह करोड़ रुपये की राशि भी जमा कराई।
ऐसे हुआ शक
एक व्यक्ति ने आईटी विभाग के अफसर को शिकायत की कि इस नाम की कंपनी भारत में नहीं है। आईटी विभाग के प्रधान सचिव वाईएस मलिक ने अपने तौर पर जांच की शिकायत सही पाई।
उन्होंने इन तथ्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को जांच के आदेश 2011 में दिए।
जर्मनी की कंपनी ने कहा कि बोली दी ही नहीं
विजिलेंस ब्यूरो ने जांच की तो पाया कि जर्मनी की कंपनी की भारत में लेवल वन कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से कोई सहायक कंपनी नहीं है और न ही बाबू जोसेफ उनका प्रतिनिधि है।
कंपनी ने ब्यूरो को यह भी जानकारी दी कि उन्होंने सर्विलांस सिस्टम की बोली में भाग ही नहीं लिया है।
संपत्ति गिरवी रखी गारंटी भरने के लिए
जांच में यह सामने आया कि जोसेफ ने संपत्ति गिरवी रखकर गारंटी की छह करोड़ रुपये की राशि जमा कराई। हारट्रॉन के आईएएस अफसर की कमी रही है कि उन्होंने बोली देने वाली कंपनी के बारे में फीडबैक नहीं लिया।
हरियाणा पुलिस के आईपीएस अफसर ने कंपनी को गारंटी की राशि जमा कराने के लिए समय दिया और तकनीकी बोली लेने से पहले कंपनी को समय समाप्त होने के बाद प्रेजेंटेशन (प्रदर्शन) देने का समय दिया।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्य सचिव को भेजी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि बाबू जोसेएफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े आईएएस, आईपीएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कंपनी की गारंटी राशि छह करोड़ रुपये तुरंत जब्त की जाए।-परमिंदर राय, महानिदेशक, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो, हरियाणा
गुड़गांव, फरीदाबाद में आउटडोर सर्विलांस सिस्टम लगाने का काम तो विजिलेंस ब्यूरो की जांच पूरी होने तक रोक दिया था। मगर अब प्रदेश में सभी बड़े शहरों में सर्विलांस सिस्टम लगाने का फैसला किया गया है।-एसएन वशिष्ठ, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा