दौलत बेग ओल्डी (डीओबी) क्षेत्र में अवैध रूप से घुस आए चीन का अड़ियल रुख जारी है।
वह भारतीय क्षेत्र से हटने को लगातार इंकार कर रहा है।
सीमा पर तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच शनिवार को हुई चौथी फ्लैग मीटिंग भी बेनतीजा रही।
बैठक में चीनी अधिकारियों ने अपने सैनिकों को हटाने की बजाए भारतीय सैनिकों को ही डीओबी से हटने की नसीहत दे डाली।
चीन का आरोप है कि भारत ने उसकी सीमा के 300 मीटर भीतर चूमर क्षेत्र में अपने बंकर स्थापित कर रखे हैं। जो विकास कार्य की बजाय कुछ और हैं। जिन्हें पहले नष्ट किया जाना चाहिए।
जबकि भारत इन्हें अपने रणनीतिक ढांचागत निर्माण मानता है। चूशुल में दोनों देशों के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों की मीटिंग 45 मिनट तक चली पर किसी तरह का सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया।
चीन ने भारतीय सीमा में अपनी उपस्थिति से इंकार किया। उल्लेखनीय है कि चीन ने गत 15 अप्रैल को भारतीय सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के 19 किलोमीटर अंदर घुसकर अपने पांच टैंट लगाए हैं।
चीन के सैन्य वाहन और 50 सैनिक भी यहां तैनात हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने भारतीय सैनिकों को पहले अपने अतिक्रमण (बंकर) हटाने को कहा।
बाद में अपने सैनिकों के हटाने पर विचार करने को कहा। भारत ने कहा कि दोनों तरफ से हटने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। इस लिहाज से चीन को अतिक्रमण से बाज आना चाहिए और वापस जाना चाहिए।
बैठक में हालांकि हटने पर भले ही कोई पुख्ता निर्णय नहीं लिया गया हो, लेकिन दोनों देश बातचीत को आगे जारी रखने पर जरूर राजी हुए।
डीओबी में भारतीय फौजी तंबुओं की तैनाती के चीनी आरोप को भारत ने खारिज कर दिया। और चीन को अपने फौजी तंबू हटाकर 15 अप्रैल से पूर्व की स्थिति में लौटने को कहा।