नक्सलवादी अब अपने कैडर को बढ़ाने के लिए 10 से 14-15 साल तक के बच्चों की भर्ती कर रहा है। इनमें लड़कियां भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन भर्तियों का मकसद घटते नक्सल कैडर को मजबूत करना है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इन बच्चों का इस्तेमाल सैन्य बलों के मूवमेंट की जानकारी जुटाने, राशन जमा करने और बतौर संदेश वाहक के रूप में किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक भर्ती अभियान पूरे नक्सल प्रभावित राज्यों में चल रहा है लेकिन छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में सबसे ज्यादा भर्ती के मामले देखने को मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक भर्ती किए गए लड़कों की उम्र 10 साल तक की है जबकि लड़कियों की उम्र 14-15 साल तक है। भर्ती की गई लड़कियों का इस्तेमाल बड़े कैडर वाले नक्सलियों का खाना बनाने और दूसरे अन्य कार्यों के लिए भी किया जाता था।
जानकारी मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने प्रभावित राज्यों से इस तरह की नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने को कहा है। इसके साथ ही प्रभावित बच्चों को नक्सलियों के चंगुल से निकालने के कदम उठाने के लिए भी कहा गया है।
इस वर्ष मई से लेकर जुलाई तक नक्सली हिंसा के 285 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें छत्तीसगढ़ में 47, झारखंड में 37 और बिहार में 15 वारदातें हुईं। इन वारदातों में 117 लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी।