गुजरात के तत्कालीन मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कथित साजिश के नाम पर 2003 में सादिक जमाल, 04 में इशरत जहां, 05 में शोहराबुद्दीन शेख और 06 में तुलसी प्रजापति के सनसनीखेज फर्जी मुठभेड़ों की जांच कर रही सीबीआई की पकड़ एक एक इन सभी केसों पर कमजोर पड़ रही हैं। इशरत और शोहराबुद्दीन-तुलसी प्रजापति मामले के गुजरात पुलिस के 16 आईपीएस और नीचले स्तर के अधिकारी जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद नौकरी में बहाल हो चुके हैं।
सभी मामले में पटखनी खा रही सीबीआई ने अबतक किसी अदालती फैसले को उच्च अदालत में चुनौती नहीं दी है। इतना ही नहीं अभय चौदसमा और पी पी पांडे जैसे चार अधिकारियों को पदोन्नति भी दे दी गई है। उधर इन चारो मामलों के आरोपी आईपीएस डी जी बंजारा जेल से बाहर आने के बाद एनकाउंटर के सभी आरोपी पुलिस वालों के लिए कम से कम दो पदोन्नति की वकालत कर रहे हैं।
अमित शाह को क्लीन चिट
भाजपा अध्यक्ष और गुजरात के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह को शोहराबुद्दीन-तुलसी प्रजापति मामले में मुंबई की विशेष अदालत से क्लीन चिट मिल चुकी है। सीबीआई विशेष अदालत के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील नहीं करने जा रही है। उधर शुरु में अपील करने की जिद पर अड़े शोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन शेख भी अब शांत बैठ गए हैं।
सीबीआई की दलील है कि शाह के खिलाफ उनके पास कोई ताजा सबूत नहीं है। लिहाजा अपील में जाने का कोई फायदा नहीं। सीबीआई के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक शाह को क्लीन चिट मिलने की वजह से आरोपी पुलिस वालों का केस भी कमजोर पड़ गया है।
सीबीआई सूत्रों को अंदेशा है कि इशरत मामले में आरोपी आईबी के पूर्व विशेष निदेशक राजेन्द्र कुमार सहित एजेंसी के तीन वर्तमान अधिकारियों के खिलाफ मुकदमें के लिए जरुरी केंद्र सरकार की अनुमति नहीं मिलने से बंजारा जैसे आरोपी पुलिस वाले भी छूट जाएंगे। हालांकि सीबीआई का कहना है कि वह मौजूदा हालात में भी अपने आरोपों को साबित करने में कोई कोताही नहीं बरतेगी।
सीबीआई के मुताबिक इनकी वजह से सादिक जमाल मामला भी ढीला पड़ सकता है। क्योंकि इशरत मामले में खुफिया रिपोर्ट देने वाले राजेन्द्र कुमार सादिक जमाल मामले के भी आरोपी हैं। सादिक मामले में गुजरात और मुंबई पुलिस के छह आधिकारी आरोपी हैं जो कि फिलहाल जमानत पर हैं।
चारों मामलों में छह आईपीएस सहित 36 पुलिस वाले आरोपी
गौरतलब है कि इशरत मामले के मुख्य आरोपी बंजारा, आईपीएस जी एल सिंघल, डिप्टी एसपी एन के अमीन, इंस्पेक्टर तरुण बरोट, जे पी परमार और अंजू चौधरी जमानत पर बाहर हैं। इसी सूची में शामिल आईपीएस पी पी पांडे को जमानत मिलने के बाद गुजरात के कानून व्यवस्था का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बना दिया गया है।
2004 में इशरत एनकाउंटर के समय पांडे अहमदाबाद के संयुक्त कमिश्नर थे। इन्हें 2013 में गिरफ्तार किया गया था जब वह सीआईडी के एडीजी थे। इसी तरह शोहराबुद्दीन मामले के आरोपी अभय चौदसमा को इसी सोमवार को डीआईजी बना दिया गया है। इन चारों मामलों में छह आईपीएस सहित 36 पुलिस वाले आरोपी हैं।