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निष्क्रिय स्विस खातों में 4 भारतीयों के भी नाम

Thu, 17 Dec 2015 09:09 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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स्विटजरलैंड द्वारा 2,600 निष्क्रिय खाताधारकों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं और इनमें चार भारतीय के नाम भी शामिल हैं। इन चार भारतीय में से दो का निवास भारत में बताया गया है जबकि एक का निवास पेरिस में बताया गया है।
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चौथे भारतीय खाताधारक के निवास स्थान का खुलासा नहीं किया गया है। जिन चार भारतीय खाताधारकों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं उनमें पियरे वाचेक, देहरादून के बहादुर चंद्र सिंह, पेरिस के डॉ. मोहन लाल और किशोर लाल शामिल हैं। वाचेक का निवास स्थान बांबे बताया गया है जो पहले मुंबई का नाम था।

वाचेक की जन्मतिथि का खुलासा भी किया गया है।स्विटजरलैंड ने 2,600 खाताधारकों और 80 सेफ डिपॉजिट बॉक्स के मालिकों के नाम सार्वजनिक किए हैं। सार्वजनिक की गई सूची में वैसे खाते शामिल हैं जिसमें कम से कम 500
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स्विस फ्रैंक जमा हैं और जिन पर कम से कम 60 साल से कोई दावा नहीं किया गया है।

निष्क्रिय स्विस बैंक खातों में 300 करोड़ रुपए

इन खातों में 440 लाख स्विस फ्रैंक यानी करीब 300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हालांकि, स्विटजरलैंड ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि भारतीय खाताधारकों के खातों में कितने पैसे हैं।

स्विटजरलैंड ने पहले ही उन भारतीय और विदेशी खाताधारकों के नाम सार्वजनिक करने शुरू कर दिए हैं जिनके बैंक खाते जांच के घेरे में हैं और जिनके बारे में विदेशी प्राधिकरणों ने पर्याप्त सबूत के साथ विस्तृत जानकारी मांगी है।

पहली बार स्विटजरलैंड ने ऐसी सूची जारी की है जहां के बैंक खाताधारकों की जानकारी गोपनीय रखने के लिए जाने जाते रहे हैं। इस सूची का प्रकाशन स्विस बैंक एसोसिएशन ने किया है। 2016 से प्रत्येक वर्ष ऐसे निष्क्रिय खातों से जुड़ी जानकारियां सालाना आधार पर सार्वजनिक की जाएंगी
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एक से पांच साल के बीच दावा कर सकेंगे रिश्तेदार

स्विस बैंकिंग ओम्बुड्समैन और स्विस बैंकर्स एसोसिएशन (एसबीए) ने कहा है कि खाताधारकों के रिश्तेदारों और उत्तराधिकारियों को इन खातों पर दावा करने के लिए एक से पांच साल का समय मिलेगा।

पहली बार स्विटजरलैंड ने ऐसी सूची प्रकाशित की है जिसका लक्ष्य खाताधारकों के उत्तराधिकारियों को खाते में पड़े पैसों का दावा करने का अवसर उपलब्ध कराना है। एसबीए ने कहा है कि अगर संबंधित पक्ष की तरफ से सूची प्रकाशित होने से एक साल के भीतर कोई दावा नहीं किया जाता है तो कानून के मुताबिक बैंक खाते में पड़ी परिसंपत्ति सरकार को हस्तांतरित कर देगी। जो खाते कम से कम 1954 से निष्क्रिय पड़े हैं उन पर पांच साल तक दावा किया जा सकता है।

स्विस बैंकर्स एसोसिएशन के सीईओ क्लाउडे-एलायन मार्गेलिश्च ने कहा, ‘इस सूचना को प्रकाशित कर बैंक ग्राहकों से संपर्क करने का आखिरी प्रयास कर रही है। यह प्रकाशन ग्राहकों और उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को निष्क्रिय खातों पर दावा करने का अवसर उपलब्ध कराती है। अगर उन्होंने समय रहते दावा नहीं किया तो बैंक निश्चित रूप से परिसंपत्तियां सरकार को हस्तांतरित कर देंगे।’
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