पूर्व भाजपा नेता और प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी ने हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रस्तावित भोज में शामिल होने से रोके जाने के मोदी सरकार के कदम की आलोचना की है।
हालांकि भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की वार्ता नहीं होने के चलते यह भोज भी रद्द हो गया। कश्मीर मुद्दे पर वार्ताकार भी रह चुके जेठमलानी ने हुर्रियत नेताओं को अलगाववादी बताए जाने की निंदा की।
उन्होंने कहा कि यह सरकार, कैबिनेट और पार्टियों में मौजूद अनपढ़ लोगों की अज्ञानता और गलतफहमी को दिखाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने जीवन की सबसे बड़ी निराशा बताया।