सीएजी विनोद राय के समर्थन में उतरे पूर्व सरकारी वरिष्ठ लेखा अधिकारियों ने सरकार और कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि ये लोग सीएजी संस्था के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। टूजी आवंटन पर सीएजी रिपोर्ट का समर्थन करते हुए इन अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मकसद इस संस्था को हमेशा के लिए अपंग बनाना है।
इंडियन आडिट एंड एकाउंट सर्विस (आईएएएस) के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी एस श्रीकृष्ण, एस सी आनंद, रामास्वामी आर अय्यर, जे एन गुप्ता, बी पी माथुर और आर परमेश्वर ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह संवैधानिक ढ़ाचे के एक महत्वपूर्ण स्तंभ को जानबूझ कर कमजोर करने की कोशिश है। इस बयान के पीछे सीएजी के पूर्व महानिदेशक आर पी सिंह का वह बयान है जिसमें उन्होंने टूजी आवंटन में 1.76 लाख करोड़ का घाटा बताने वाली रिपोर्ट से खुद को अलग किया था।
रिटायर्ड अधिकारियों ने कहा कि यह सच है कि टू जी संबंधी रिपोर्ट आर पी सिंह की नहीं हैं क्योंकि सभी आडिट रिपोर्ट्स सीएजी की मानी जाती हैं। सीएजी के अधीन यह बड़ा संगठन है जिसकी संवैधानिक जिम्मेदारी के निर्वाह के लिए आर पी सिंह समेत काफी लोग काम करते रहे हैं। आर पी सिंह का अलग कोई अस्तित्व नहीं है।
इस रिपोर्ट पर सीएजी विनोद राय से खुली बहस संबंधी सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी के सुझाव पर इन रिटायर्ड अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रपति को सौंपने के बाद इस बहस का कोई सवाल ही नहीं उठता। सच तो यह है कि यदि एक बार रिपोर्ट सदन में रख दी जाती है तो यह संसद की संपत्ति बन जाती है और इस पर किसी और फोरम में बहस नहीं की जा सकती।