उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और पूर्व विदेश सचिव रोमेश भंडारी का शनिवार रात निधन हो गया। वह लंबे वक्त से बीमार थे।
85 वर्षीय भंडारी के परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी हैं। उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया है कि भंडारी पैनक्रिएटिक कैंसर से पीड़ित थे और बीते तीन हफ्ते से गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे।
उनके निधन पर गहरा शोक जताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने उन्हें कुशल प्रशासक बताया। भंडारी ने त्रिपुरा और गोवा में राज्यपाल की भूमिका निभाने के अलावा दिल्ली के उप-राज्यपाल का जिम्मा भी संभाला था।
उन्हें जुलाई, 1999 में उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया, जब वहां राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था। वह 1985-86 में विदेश सचिव भी रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने रिटायरमेंट के बाद उन्हें एआईसीसी में कांग्रेस पार्टी के विदेश प्रकोष्ठ का चेयरमैन नियुक्त किया था।
29 मार्च, 1928 को लाहौर में जन्मे भंडारी 1950 में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) से जुड़े थे। उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित वाणिज्य दूतावास में बतौर वाइस-काउंसल शुरुआत की थी।