पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने देश चलाने वालों को खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा कि देश को कैंसर है, लेकिन दवा टाइफाइड की दी जा रही है। आज प्रजातंत्र ‘इलेक्ट्रोकेसी’ बन गया है और शासन ‘चोरों का, चोरों द्वारा और चोरों के लिए‘ हो गया है। भारत के संविधान को जिस भावना के साथ बनाया गया था, वह भावना अब नजर नहीं आती। प्रजातंत्र में कई विसंगतियां आ गई हैं और उन्हें सही करने का समय आ गया है। तरीका बचा है- भारत का पुनरुद्धार। जनरल सिंह ने ये बातें जयपुर में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि वे भारत के पुनरुद्धार के लिए समान विचार के लोगों से मिल रहे हैं। उनके अनुसार देश में सामाजिक भेदभाव की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसके चलते आज नक्सली गतिविधियां 70 जिलों से बढ़कर 210 जिलों में फैल गई हैं। जीडीपी के आंकड़ों पर उन्होंने कहा कि इससे हम भले ही खुश हो लें, लेकिन यह सच है कि आज अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार के बिना स्थिति बदलने वाली नहीं है।
सरकार व नौकरशाही में 99 प्रतिशत भ्रष्टाचार
जनरल सिंह ने मीडिया से कहा कि रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार के मामले उठते हैं, लेकिन सेना वह डील नहीं करती। डील सरकार और नौकरशाहों के बीच होती है। सेना केवल उन शस्त्रत्तें का परीक्षण करती है। ऐसे में सेना में सिर्फ एक प्रतिशत भ्रष्टाचार हो सकता है, लेकिन सरकार और नौकरशाही में 99 प्रतिशत भ्रष्टाचार है।