महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.आर.अंतुले का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
अंतुले के दामाद मुश्ताक अंतुले ने उनके निधन की पुष्टि की। अंतुले अपने पीछे पत्नी नरगिस, बेटा नवेद और पुत्री नीलम, शबनम व मुबीना को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे, प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे, राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे और पूर्वमंत्री मो.आरिफ नसीम खान ने शोक संवेदना व्यक्त की। कांग्रेसनीत संप्रग सरकार में अंतुले केंद्रीय मंत्री भी रहे थे।
नौ फरवरी 1929 को महाराष्ट्र में जन्मे अंतुले ने अपने जीवन की शुरूआत सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में की थी। सन् 1982 में जब वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब एक ट्रस्ट ने उन पर फंड के लिए जबरन वसूली का आरोप लगाया था और हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
उसके काफी समय बाद वह 14 वीं लोकसभा में डॉ.मनमोहन सिंह सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाए गए। 26/11 हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे पर विवादास्पद बयान देने पर वह 2008 में फिर चर्चा में आए थे। जिसके चलते संसद में भारी हंगामा हुआ था और कई दिनों तक कार्यवाही बाधित हुई थी।