तमाम जद्दोजहद और बाधाओं को पार करते हुए आखिरकार यूपीए सरकार ने अपने सबसे बड़े तुरुप के पत्ते को अंजाम तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल कर ली है। लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी खाद्य सुरक्षा विधेयक को हरी झंडी मिल गई है।
सरकार ने विपक्ष के सबसे बड़े ऐतराज को दूर करते हुए भरोसा दिया है कि बिल में प्रावधान किया गया है कि राज्य में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी सरंक्षण रखा जाए। भाजपा ने सरकार से सवाल किया था कि क्या उनके कानून की वजह से राज्यों में चल रही खाद्य सुरक्षा योजनाए बंद हो जाएगी।
सोमवार को दिनभर चर्चा के बाद राज्यसभा में खाद्य सुरक्षा विधेयक देर रात विधेयक पारित हो गया। भाजपा ने कुछ संशोधन के साथ बिल को समर्थन दिया है। जबकि सपा और बसपा ने भी बिल का समर्थन किया।
चर्चा के बाद खाद्य सुरक्षा मंत्री के वी थॉमस ने कहा कि बिल के जरिए किसानों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा गया है। बिल के जरिए कृषि सुधार की पहल भी की गई है।
उन्होंने कहा कि कई सदस्यों का कहना था कि मौजूदा पीडीएस योजना के तहत खाद्य सुरक्षा दी जा रही है तो फिर क्यों एक अलग कानून की जरूरत थी। थॉमस ने जवाब दिया कि कानून के जरिए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से गरीबों तक अनाज पहुंचने की योजना बनाई है।
थॉमस ने कहा कि बिल के जरिए कुपोषण से निजात मिलेगी तो साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों को फायदा होगा।