चक्रवाती तूफान फैलिन भारी तबाही मचाने के बाद ओडिशा को पार कर चुका है लेकिन भारी बारिश के चलते राज्य के पांच जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन जिलों में प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बाढ़ से 2.50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 4 हेलीकॉप्टर लगाए हैं। साथ ही प्रभावितों के बीच आसमान से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
चक्रवात प्रभावित इलाकों का जायजा लेने गए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को बरहमपुर के अगस्तिनौगांव गांव में ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।
तूफान और भारी बारिश से प्रभावित 1.2 करोड़ लोगों के पुनर्वास की चुनौती का सवाल मुंह बाएं खड़ा है। लोगों के राहत और पुनर्वास का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
ओडिशा में तूफान और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इस बीच बंगाल के समुद्र में डूबे एमवी बिंगो कार्गो जहाज के 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
ओडिशा के विशेष राहत कमिश्नर पीके महापात्रा के अनुसार, बुद्धबगंल और सुबरनरेखा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर भद्रक और क्योंझर जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं।
थल, वायु और जल सेना के साथ ही एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की राहत और बचाव टीमों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगाया गया है। प्रदेश के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री एसएन पात्रो ने कहा कि फैलिन तो गुजर गया लेकिन भारी बारिश और बाढ़ ने हालात मुश्किल बना दिए हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्य पैकेटों का वितरण किया जा रहा है। वहीं आंध्र प्रदेश में राहत और पुनर्वास का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। फैलिन तूफान से सर्वाधिक प्रभावित श्रीकाकुलम जिले में भी राहत और पुनर्वास का कार्य चल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में यहां सामान्य जनजीवन पूरी तरह से पटरी पर लौट आएगा।