आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की जांच में अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के कराची स्थित ठिकाने का नया पता सामने आया।
दिल्ली पुलिस की तहकीकात के दौरान टेलीफोन इंटरसेप्शन पर सुराग तलाशती भारतीय एजेंसियां दाऊद के ठिकाने तक पहुंची और उसके सारे अकाट्य सबूत बैक चैनल के जरिए पाकिस्तान को सौंप दिए गए।
यही वजह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रैक टू वार्ता का माहौल बना रहे पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विशेष राजनयिक दूत शहरयार खान ने माना कि दाऊद पाकिस्तान में था।
हालांकि उन्होंने लंदन में दिए अपने बयान में भारत के मोस्ट वांटेड के बारे में आधा सच ही कबूला है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक दाऊद अभी भी पाकिस्तान में ही है और वह संयुक्त अरब अमीरात नहीं गया है।
हालांकि दाऊद पर कबूलनामे से पाकिस्तान के घिरने की वजह से शहरयार चंद घंटों बाद ही अपनी बात से मुकर गए हैं। भारतीय खुफिया सूत्रों के मुताबिक उनके पहले के बयान के बाद पाक सेना और आईएसआई ने शहरयार पर अपने बयान से पलट जाने का दबाव बनाया है।
उच्चपदस्थ खुफिया सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की जांच के दौरान फोन पर दाऊद की आवाज पकड़े जाने के बाद दिल्ली पुलिस को गृहमंत्रालय और खुफिया एजेंसी ने चुप्पी साधे रहने का निर्देश दिया था।
इस बीच आईबी, रॉ और मुंबई पुलिस की मदद से पहले दाऊद के आवाज की तकनीकी तस्दीक हुई और फिर उसके ठिकाने की खोज की गई।
कराची से कर रहा था सट्टेबाजी का धंधा
जांच एजेंसियों को पता चला कि दाऊद मार्च महीने में कराची की एक कोठी में बैठकर क्रिकेट सट्टेबाजी के धंधे को अंजाम दे रहा है।
उसके ठिकाने का पक्का पता पाने के बाद दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर नीरज कुमार ने यह जानकारी सार्वजनिक की थी और उसका नाम आईपीएल सट्टेबाजी की चार्जशीट में डाला।
उधर विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की राय पर दाऊद की पूरी जानकारी बैक चैनल के जरिए पाकिस्तान को दी गई।