राजस्थान की एक लड़की ने बचपन की शादी मानने से इनकार क्या किया कि ग्राम पंचायत के कोप का शिकार बन गई। लड़की के फैसले से कुपित पंचायत ने उस पर 16 लाख का भारी जुर्माना लगाते हुए परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।
यहां लूनी तहसील के रोहिचान खुर्द गांव की रहने वाली शांता देवी मेघवाल ने बचपन की शादी तोड़ने का फैसला किया है। उसकी शादी बचपन में उस समय कर दी गई थी जब वह महज 11 महीने की थी।
उसने दावा किया कि उसके इस फैसले से नाराज पंचायत ने उस पर 16 लाख जुर्माना लगा दिया है और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।