महाराष्ट्र विधान भवन परिसर में पुलिसकर्मी की पिटाई करने वाले पांच विधायकों को साल भर के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। संसदीय मामलों के मंत्री हर्षवर्धन पाटिल के प्रस्ताव को सदन में सभी सदस्यों ने ध्वनि मत से पारित किया।
क्षितिज ठाकुर के अलावा निलंबित होने वाले सदस्यों में भाजपा के जयकुमार रावल, एमएनएस के राम कदम, शिवसेना के राजन साल्वी और निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल शामिल हैं।
सदन में यह घोषणा करते हुए पाटिल ने कहा कि विधायकों की इस गंभीर करतूत के चलते सदन की गरिमा कम हुई है। 31 दिसंबर, 2013 तक ये विधायक विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। साथ ही इन्हें मुंबई और नागपुर में विधान सभा परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
अपना चालान काटे जाने से गुस्साए क्षितिज ठाकुर ने मंगलवार को अन्य विधायकों के साथ मिलकर वर्ली पुलिस इंस्पेक्टर असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन सूर्यवंशी की विधान भवन परिसर में जमकर पिटाई कर दी थी।
हालांकि विधायकों ने अपना बचाव करते हुए दावा किया है कि पहले पुलिस अधिकारी ने बदतमीजी की थी और राम कदम को धक्का दिया था। एमएलए ठाकुर ने सूर्यवंशी से माफी मांगने से भी साफ इंकार कर दिया है।
मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि विधानसभा में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि आपराधिक कार्रवाई और अनुशासनात्मक कार्रवाई दोनों अलग-अलग हैं और बृहस्पतिवार तक इस बारे में स्थिति साफ हो जाएगी। पुलिस ने क्षितिज ठाकुर और राम कदम समेत 14 के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है।