फ्रांस के वैज्ञानिकों ने दुनिया में पहली बार स्पर्म कोशिकाएं विकसित करने का दावा किया है। इससे उन पुरुषों के इलाज की उम्मीद बढ़ गई है जो स्पर्म (शुक्राणु) नहीं बनने के कारण पिता नहीं बन पाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक उन्होंने जेनेटिस सामग्री से पूर्णत: क्रियाशील सीमन का निर्माण कर लिया है।
लियोन की एक प्रयोगशाला ‘कैलिस्टेम लेबोरेटरी’ ने दावा किया है कि वह इसके प्री-क्लीनिकल ट्रायल में सफल रही है और अगले दो साल के भीतर 2017 तक क्लीनिकल ट्रायल में बच्चे को जन्म देने की स्थिति में आ जाएगी।
व्यावसायिक रूप से इस फर्म को प्रतिवर्ष 50,000 लोगों के इलाज से 1.7 अरब यूरो डॉलर का बाजार मिलने की उम्मीद है। कैलिस्टेम के मुताबिक स्पर्मेटोगोनिया नामक ये कोशिकाएं परखनली में परिपक्व स्पर्म के रूप में विकसित हुई हैं। लेबोरेटरी के सीईओ आईसेबेले कुओक ने कहा कि-‘‘हमारी टीम ने आईवीएफ के लिए स्वीकृत शुक्राणु बनाने की आवश्यक तकनीक विकसित करने में पूर्णता हासिल कर चुकी है।’’