वसंत विहार गैंगरेप मामले में नाबालिग (अब बालिग) आरोपी के खिलाफ जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) में चल रही सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई।
बोर्ड ने 11 जुलाई तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। प्रमुख दंडाधिकारी गीतांजली गोयल के समक्ष शुक्रवार को बचाव पक्ष ने दलीलें पेश करते हुए अंतिम बहस की। अगर स्पष्टीकरण जरूरी होगा तो बोर्ड उसे 11 जुलाई को लेगा।
नाबालिग आरोपी के खिलाफ जेजेबी में मार्च 2013 में सुनवाई शुरू हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि उसे पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। पीड़िता या उसके मित्र ने शुरुआती बयानों में उसका नाम नहीं लिया था।
आरोपी ने दावा किया कि वह खुद अपने मालिक और रामसिंह का सताया हुआ है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश में बदायूं जिले का रहने वाले नाबालिग को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सबसे ज्यादा क्रूर बताया था।
सामूहिक दुष्कर्म के अलावा रामाधार सिंह के साथ लूटपाट के मामले की सुनवाई भी पूरी हो गई है। गौरतलब है कि दुष्कर्म की वारदात से पहले 16 दिसंबर, 2012 को सभी छह आरोपियों ने कारपेंटर रामाधार सिंह से लूटपाट व मारपीट की थी।