आम आदमी पार्टी के नेता विधानसभा के सदन में अलग-थलग नजर आए। यहां तक कि वे आपस में भी ज्यादा घुलते-मिलते नहीं दिखे।
एक-दूसरे की धुर विरोधी भाजपा और कांग्रेस चुनावी रण में भले ही एक-दूसरे पर निशाना साध रहे थे, लेकिन सदन में उनके बीच दोस्ताना अंदाज देखने को मिला।
उनकी यह जुगलबंदी आम आदमी पार्टी की सरकार को बहुमत साबित करने में आने वाली चुनौतियों की ओर भी संकेत दे रही है।
आप के खिलाफ भाजपा ने पकड़ा कांग्रेस का हाथ
सदन में हालात ऐसे भी देखने को मिले कि भाजपा अथवा कांग्रेस पार्टी का जब कोई विधायक शपथ लेने उठता तो दोनों पार्टी के बाकी विधायक मेज थपथपा कर बधाई देते। लेकिन ‘आप’ का विधायक शपथ लेने के लिए उठता तो सभी चुप्पी साध लेते थे।
आम आदमी पार्टी से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे विधायक सदन में अपनों के बीच भी कम मिलते नजर आ रहे थे। कुछ विधायकों की बात छोड़ दें तो ज्यादातर शपथ लेने के बाद सीधे अपनी सीट पर जाकर बैठ जाते।
सीमापुरी के विधायक धर्मेंद्र कोहली ने तो भाजपा विधायकों से हाथ मिलाना भी वाजिब नहीं समझा।
शपथ लेने के बाद जैसे ही भाजपा विधायक रमेश विधूड़ी ने उन्हें बधाई देने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, वे हाथ मिलाने से कतराकर मुस्कुराते हुए अपनी सीट की तरफ बढ़ गए।
जेडीयू के विधायक ने आप से बनाए रखी दूरी
भाजपा और कांग्रेस के विधायक शपथ ग्रहण करने के बाद प्रोटेम स्पीकर को अभिवादन करने के साथ ही सभी सदस्यों से हाथ मिलाकर अभिवादन करते।
जेडीयू से एक मात्र विधायक शोएब इकबाल भी कांग्रेस और भाजपा के विधायकों का साथ देते दिखे। एक-दूसरे पर किसी तरह की छीटाकशी भी नहीं किया। उनकी हर कोशिश सत्ताधारी दल ‘आप’ के विधायकों से दूरी बनाए रखने की रही।
अरविंद केजरीवाल सभी से मिले प्यार से
दिल्ली के मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद सभी नवनिर्वाचित विधायकों से बड़े ही प्यार से मिले।
वे खुद भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली की मेज के समीप पहुंचकर मिले और गर्मजोशी से उनसे हाथ मिलाया।
जींस-कुर्ता और कोट-पैंट में दिखे नेताजी
दिल्ली विधानसभा में बुधवार को बहुत कुछ बदला नजर आया। लंबी कार की जगह छोटी कार या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से विधानसभा पहुंचते विधायक।
वहीं कुर्ता-पायजामा वाले नेताजी जींस-कुर्ता और कोट पैंट में दिखे। सदन में आए 68 में से सिर्फ नौ विधायक कुर्ता-पायजामा में थे।
सीएम केजरीवाल समेत उनके कैबिनेट के तीन साथी मोटी जैकेट में थे तो राखी बिरला और गिरीश सोनी ने जवाहर कट जैकेट पहन कर पहुंचे।
सबसे कम्र उम्र के प्रकाश ने पहना कोट और जींस
वहीं सौरभ भारद्वाज और सोमनाथ भारती, पैंट-शर्ट और स्वेटर पहनकर पहुंचे थे। विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायक प्रकाश कोट-जींस पहनकर पहुंचे तो सबसे उम्र दराज विधायक प्रो. जगदीश मुखी बंद गले का कोट पहनकर सदन में दाखिल हुए।
सर्दी के मौसम में मुख्यमंत्री केजरीवाल, अखिलेशपति त्रिपाठी, रमेश बिधूड़ी, रवि विशेष ने मफलर डाल रखी थी। वहीं संजीव झा, धर्मेन्द्र कोली, शोएब इकबाल, अशोक कुमार ने कुर्ता और जींस पहनी हुई थी।
विधानसभा के लिए चुनी गई तीन महिला विधायकों में से दो साड़ी पहनकर पहुंची। वंदना कुमारी कॉटन की साड़ी तो वीना आनंद सिल्क साड़ी में काला स्वेटर पहनकर पहुंची। वहीं मंत्री राखी बिड़ला सलवार सूट के साथ जवाहर कट पहनकर पहुंची।
पुराने विधायकों ने पहना बंद गले का कोट
पहली बार विधायक बनने वाले ही नहीं पुराने विधायक भी जींस के साथ कोट पहनकर सदन पहुंचे। मनजिंदर सिंह सिरसा, जगदीप सिंह, आरपी सिंह, रमेश बिधूड़ी, जितेन्द्र सिंह शंटी भी जींस के साथ कोट पहनकर पहुंचे।
वहीं विधायक रामकिशन सिंघल, देवेन्द्र यादव-जैकेट, कुलवंत राणा-शॉल, हारून यूसुफ, पवन शर्मा, राजेश गहलोत, धर्मदेव सोलंकी, प्रवेश साहिब सिंह, आसिफ मोहम्मद खान, और अरविंदर सिंह ने सफेद कुर्ता पायजामा पहन रखा था।
हालांकि इनमें से कई ने जवाहर कट जैकेट भी पहना हुआ था। वहीं विधानसभा के ज्यादातर पुराने विधायक बंद गले का कोट पहन कर पहुंचे थे। विधायक अनिल झा नेकुर्ता-धोती और टोपी पहनी थी।
वहीं बाहरी दिल्ली के विधायक मनोज शौकीन, नील दमन खत्री और प्रवेश साहिब सिंह बाहरी दिल्ली के पहचान के लिए पगड़ी पहनकर पहुंचे थे।
फौजी जैकेट में दिखे कमांडो सुरेंद्र सिंह
दिल्ली कैंट के विधायक कमांडो सुरेंद्र सिंह अपनी फौजी जैकेट पहनकर विधानसभा पहुंचे थे। पहली बार विधायक बने सुरेंद्र सिंह का कहना था कि देश की सेवा सेना में रहकर कर वे चुके हैं। अब उन्हें आम आदमी की सेवा करने का मौका मिला है। कमांडो जैकेट उनकी पहचान है। मरने के साथ ही जैकेट उतरेगा।
परिवार के साथ पहुंचे कई विधायक
कई विधायक शपथ लेने अपने पूरे परिवार के साथ विधानसभा पहुंचे। विधानसभा परिसर और सदन का दर्शक दीर्घा पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था।
आम आदमी पार्टी की सरकार होने के कारण विधानसभा में आने-जाने वालों पर ज्यादा रोक टोक भी नहीं थी। सिर्फ परिचय पत्र दिखाकर आम लोग परिसर में प्रवेश करते रहे।
बेटे का ही नाम रख दिया है स्वराज
हरिनगर के विधायक जगदीप सिंह पूरे परिवार के साथ विधानसभा पहुंचे थे। पूर्व विधायक हरशरण सिंह बल्ली को चुनाव में हरा कर पहली बार विधायक बने जगदीप सिंह का कहना था कि स्वराज उनका सपना है। वे अपने बेटे का नाम भी स्वराज रख चुके हैं।
पूछ-पूछकर पहुंचे ‘आप’ के प्रकाश जारव
पहली बार विधायक बने आम आदमी पार्टी के विधायकों को विधानसभा का पता तक नहीं मालूम था। आप के कई विधायक ऑटो-टैक्सी वालों से पूछ-पूछकर विधानसभा पहुंचे।
आप के प्रकाश जारव देवली विधानसभा से रास्ता पूछ कर पहुंचे। जब वे मीडिया से परिसर में बातचीत कर रहे थे तो परिसर में सदन की बैठक के लिए घंटी बजने लगी।
लेकिन वे बातचीत में ही मशगूल थे। उन्हें जब मीडिया वालों ने बताया कि सदन में प्रवेश करें, सदन शुरू होने वाला है, तब उन्होंने मीडिया वालों से ही सदन का रास्ता पूछा।
परंपरा के अनुसार शपथ लेने के बाद प्रोटेम स्पीकर को अभिवादन के लिए पहुंचना होता है वहां भी कई विधायकों को बताने की आवश्यकता पड़ी। भाजपा विधायकों को तो दो दिन पहले सदन की कार्यवाही के संबंध में ट्रेनिंग दी गई थी।
अपने ई-रिक्शा से पहुंचे विधायक गर्ग
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी नीले रंग की वेगन-आर कार से विधानसभा पहुंचे। रोहिणी के विधायक राजेश गर्ग अपने बैट्री वाले रिक्शा से विधानसभा पहुंचे।
झाड़ू और लाउड स्पीकर से लैस अपने रिक्शे को विधायक अपना ऑफिस बताते हैं। उनका कहना है कि इलाके के लोगों ने ही उन्हें गिफ्ट किया है।
जब भी उन्हें किसी तरह की जरूरत होती है मैं इसी रिक्शे से उनके पास पहुंचता हूं। कार मेरे पास है नहीं सो विधानसभा आने के लिए ई-रिक्शा का पास देने में आनाकानी की गई, आखिरकार ई-रिक्शा का पास मिल गया।
इसी तरह देवली विधानसभा के विधायक प्रकाश जारव ने अपनी मारुति 800 कार से पहुंचे।
उनका कहना था जनता की सेवा करने के लिए विधायक बना हूं। किसी तरह का दिखावा पसंद नहीं है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने भले ही शपथ अंग्रेजी में ली, लेकिन वे खुद अपनी लग्जरी कार के ड्राइविंग सीट पर थे।
वहीं आप के मनीष सिसौदिया टाटा सफारी से पहुंचे तो सोमनाथ भारती व अखिलेश भारती ऑटो रिक्शा से विधानसभा पहुंचे थे। ऑटो ने उन्हें बाहर छोड़ा और विधानसभा में उन्होंने पैदल ही प्रवेश किया।