उत्तराखंड के प्रथम मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी का बुधवार को निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रमुख बिशन सिंह चुफाल ने बताया कि स्वामी का आज सुबह देहरादून के सीएमआई अस्पताल में निधन हुआ। वह लंबे समय से बीमार थे।
स्वामी के निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक का माहौल है। चुफाल ने बताया कि स्वामी ने अलग राज्य उत्तरांचल के गठन के लिए हुए आंदोलन की अगुवाई की थी।
स्वामी के निधन पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों रमेश पोखरियाल निशंक, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी और बीएस कोशियारी समेत कई नेताओं ने शोक जताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी स्वामी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। यादव ने कहा कि स्वामी का उत्तर प्रदेश से गहरा संबंध रहा है।
नित्यानंद स्वामी सबसे पहले 1969 में देहरादून विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में तीन बार कुमाऊं और गढवाल का प्रतिनिधत्व किया।
1992 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सर्वसम्मति से सभापति भी चुने