रियल एस्टेट व शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा और हरदीप हत्याकांड में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक इन दोनों भाइयों के फार्म हाउस पर पहुंचने से पहले ही ताबड़तोड़ फायरिंग हो चुकी थी और काफी बवाल हुआ था। ये खुलासा हरदीप के ड्राइवर नंदलाल ने किया है।
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि वारदात वाले दिन कुछ लोगों ने बिजवासन के फार्म हाउस पर भी कब्जा करने का प्रयास किया था। इस मामले में पोंटी के दो सुरक्षा गार्डों मदन राणा और विजय को कंझावला थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को मौके से कई तरह के हथियार मिले हैं। हथियार व गाड़ियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में अब तक 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है।
मुरादाबाद के सिविल लाइंस, देव विहार कॉलोनी में रहने वाले नंदलाल (53) ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन सुबह 11 बजे वह सेंट्रल ड्राइव डीएलएफ फार्म हाउस नंबर-42 में मौजूद था। तभी गाड़ियों में सवार 30-40 लोगों ने फार्म हाउस का गेट तोड़ कर अंदर घुसने की कोशिश की। इनमें से तीन- बिष्ट, अन्ना और प्रेमवीर को वह जानता था और सभी पोंटी चड्ढा के आदमी थे।
इन तीनों ने उसे काबू कर लिया और बिष्ट ने उसके ऊपर दो राउंड फायर किए। अन्य लोगों ने फार्म हाउस में मौजूद लोगों पर हॉकी, डंडों और तलवारों से हमला बोल दिया और सभी को भगा दिया। बाद में वह लोग नंदलाल को इनोवा कार में बैठाकर ले गए। जाते-जाते भी इन लोगों ने फार्म हाउस के अंदर कई राउंड फायर किए। गोली किसी को लगी या नहीं इसका पता नहीं चल पाया है।
नंदलाल ने बताया कि उसे ले जाकर फार्म हाउस नंबर 34 डीएलएफ में बंधक बना लिया गया। पोंटी चड्ढा के लोगों ने फार्म हाउस में मौजूद लोगों के मोबाइल छीन लिए थे। नंदलाल की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, 452, 365, 342, 368, 395, 397, 34 और 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इधर संयुक्त पुलिस आयुक्त विवेक गोगिया ने बताया कि उसी दिन बिजवासन के फार्म हाउस नंबर जी-98 पर कब्जा करने के लिए पोंटी ने कुछ लोगों को भेजा था। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फार्म हाउस के माली ने घटना वाले दिन सुबह 11 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने फार्म हाउस में फायरिंग होने की बात से इनकार किया है और ये आदमी किसके थे यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
5 सवाल
:- दोनों भाइयों के बीच खूनी खेल में कहीं तीसरे व्यक्ति का हाथ तो नहीं।
:- अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुखदेव पोंटी से क्यों मिलने आए थे।
:- मौके पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में दोनों भाइयों को ही गोली क्यों लगी।
:- समय से कॉल होने के बावजूद पुलिस मौका-ए-वारदात पर देर से क्यों पहुंची।
:- पोंटी चड्ढा को मिले पंजाब पुलिस के सुरक्षा गार्ड घर पर ही क्यों रह गए थे।