पुलिस ने आंध्र प्रदेश के पुत्तुर के एक घरे में छिपे आतंकियों को 12 घंटे से ज्यादा चली मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
ये दोनों आतंकी भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की यात्रा में पाइप बम प्लांट करने के मामले में आरोपी हैं।
पुलिस ने बताया कि शनिवार को मुठभेड़ के बाद पन्ना इस्माइल और बिलाल मलिक को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए फखरुद्दीन ने पुलिस को इन दोनों आतंकियों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने इस घर की घेराबंदी की थी।
इन तीनों पर आडवाणी की यात्रा में बम प्लांट करने के अलावा भाजपा और संघ परिवार के नेताओं की हत्या का भी संदेह है। तमिलनाडु के डीजीपी के रामानुजम ने बताया कि मुठभेड़ में एक पुलिस इंस्पेक्टर भी घायल हो गया।
पुलिस की कार्रवाई में पन्ना भी घायल हो गया था। पुलिस को बाद में पता चला कि बिलाल मलिक की पत्नी और तीन बच्चे भी घर के अंदर हैं।
उन्हें बाहर निकालने के लिए छिपे आतंकियों से लंबी बातचीत चली। लगभग 12 घंटे की मुठभेड़ के बाद दोनों आतंकियों ने समर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए गुप्त जगह ले जाया गया।
हालांकि बम प्लांट करने के मामले में चौथा संदिग्ध अबू बकर सिद्दीकी अब भी फरार है। चेन्नई में 18 अक्तूबर को होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली से पहले इन गिरफ्तारियों को अहम माना जा रहा है।
सीबी-सीआईडी पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने राज्य भाजपा के एक पदाधिकारी रमेश और हिंदु मुन्नानी के नेता वेलयप्पन की हत्या के सिलसिले में हाल में सघन अभियान छेड़ा था।
इसके अलावा 2011 में मदुरै के नजदीक तिरुमंगलम में आडवाणी की यात्रा में बम प्लांट करने के आरोप में भी चारों की तलाश थी।