कोयला घोटाला मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ दायर आवेदन को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
इस आवेदन में सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख के खिलाफ कोल ब्लॉक आवंटन मामले में दर्ज की गई एफआईआर में प्रधानमंत्री का नाम शामिल करें।
जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है और सीबीआई के अधिकारी आगे क्या करना है, यह देखेंगे।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि पीएम ने हिंडाल्को को कोल ब्लॉक आवंटित करने के फैसले को न्यायोचित ठहराया, जबकि इस कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। इसलिए प्रधानमंत्री से भी पूछताछ की जानी चाहिए।
जवाब में पीठ ने कहा कि आप सीधे निष्कर्ष पर पहुंच रहे हैं, जबकि जांच अभी जारी है।
दूसरी याचिका भी खारिज
सर्वोच्च अदालत ने साथ ही अधिवक्ता एमएल शर्मा की उस याचिका को भी अस्वीकार कर दिया, जिसमें आवंटन मामले में प्रधानमंत्री को अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दायर करने का निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
शर्मा, कोलगेट मामले में जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक हैं। इन याचिकाओं के दायर होने के बाद से अदालत इस मामले की जांच की निगरानी कर रही है।
पीठ ने कहा कि सीबीआई पूरे मामले की जांच में जुटी है। करीब 150 से भी अधिक कोल ब्लॉक के आवंटन किए गए हैं। ऐसे में क्या वह सभी के बारे में विवरण देने में सक्षम होंगे।