साईं बाबा की पूजा को लेकर विवादित बयान देने वाले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साईं भक्त ने शिरडी में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
साईं बाबा की पूजा को ब्रिटेन की साजिश करार देने पर शिरडी निवासी कमलाकर कोटे ने शंकराचार्य पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
इस विवादित बयान के बाद देशभर में शंकराचार्य के खिलाफ प्रदर्शन और पुतले फूंके जा रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा था 'हिंदू न करें साईं पूजा'
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि,"साईं बाबा को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक कहा जाता है लेकिन मुस्लिम लोग साईं बाबा की पूजा नहीं करते, तो फिर हिंदू ही उनकी पूजा क्यों करें।"
उन्होंने कहा कि साईं बाबा के माध्यम से हिंदू धर्म को बांटने की कोशिश की जा रही है।
इस विवाद को आगे बढ़ाते हुए शंकराचार्य ने आज कहा कि साईं भक्त राम और शिव का नाम न लें। इसके साथ ही स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि साईं भक्त गंगा में भी स्नान न करें।
शंकराचार्य के इस बयान के बाद जहां साईं बाबा के उपासक खफा हैं वहीं इस पर बहस भी शुरू हो गई है और लोग तमाम सोशल साइटों पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
मुस्लिम धर्म गुरु भी आए विरोध में
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद आरिफ कासमी का कहना है कि साईं संध्याओं में मुसलमान नहीं जाते हैं, अगर कोई जाता है तो वह गलत है।
उन्होंने
कहा कि इस्लाम केवल आसमानी ताकत मानता है। मुसलमान केवल मस्जिद में जाते
हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। ऐसे में साईं संध्या में अल्लाह-अल्लाह
गाना बिल्कुल ही गलत है।
कासमी ने कहा कि वहां जाने वाले जिस धर्म
के हो, वे अपनी बात करें। इसमें इस्लाम को शामिल करना गलत है। मुसलमानों के
लिए इस्लाम में केवल नमाज ही बताया गया है।