खुदरा मूल्य से अधिक पर शीतल पेय बेचने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने आईआरसीटीसी पर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दो यात्रियों ने 12 रुपये के शीतल पेय को 15 रुपये मूल्य पर बिक्री का आरोप लगाते हुए शिकायत दायर की थी।
नई दिल्ली उपभोक्ता फोरम ने दोनों शिकायतों की सुनवाई के बाद पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी पर लगाया है। फोरम ने दोनों शिकायतकर्ताओं को दस-दस हजार रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
फोरम के अध्यक्ष सीके चतुर्वेदी ने अपने आदेश में कहा कि सरकारी निगम होने के नाते आईआरसीटीसी से निजी कारोबारियों के स्तर पर उतरने की उम्मीद नहीं की जाती। यह मामला गलत नीतियों व अनैतिक कारोबारी व्यवहार का है। यह कंपनी लाखों रेल यात्रियों को खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करती है।
यात्री अपनी यात्रा के दौरान अधिक मूल्य का विरोध नहीं कर सकते और उनके पास अधिक मूल्य पर सामान खरीदने के अलावा कोई रास्ता नहीं होता।
दिल्ली निवासी दो यात्रियों सचिन धीमान व शरण्या ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। इनका आरोप था कि आईआरसीटीसी के आउटलेट ने 12 रुपये की कोल्ड ड्रिंक 15 रुपये में बेची थी।
फोरम ने कहा कि पूरे देश में चौबीसों घंटे लाखों लोग रेल यात्रा करते हैं। इससे खुदरा मूल्य से अधिक वसूली जाने वाली कुल राशि का अनुमान लगाया जा सकता है। इसलिए आईआरसीटीसी पर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। फोरम के फैसले की घोषणा के दौरान आईआरसीटीसी का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।