वेस्ट यूपी में अतरौली क्षेत्र के 88 गांवों के सूखे कंठ तर करने के लिए टीटीएसपी योजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 360.33 लाख रुपए खर्च हो गए, लेकिन मात्र तीन गांवों में ही पंप चालू हो सके हैं। रालोद विधायक दल के नेता ठाकुर दलवीर सिंह ने योजना के नाम पर बसपा सरकार के शासनकाल में पूरी रकम गोलमाल करने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जांच के आदेश दिए हैं।
रालोद विधायक दल के नेता ने मुख्यमंत्री को दिए पत्र में आरोप लगाए हैं कि टीटीएसपी योजना के तहत जल निगम द्वारा अतरौली के 88 गांवों में पेयजल के लिए ओवरहैड टैंकों का निर्माण किया जाना था। इस कार्य के लिए 360.33 लाख रुपए दिए गए। इस कार्य का युवा रालोद के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह और सुशील गुप्ता ने अपने पदाधिकारियों के साथ इन गांवों का दौरा कर योजना के तहत कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
योजना के तहत 35 गांवों में ही कार्य शुरू किया गया। इनमें से 22 गांवों में पंपहाउस और बोरिंग का काम कराया गया है। 13 गांवों में बोरिंग कराकर काम छोड़ दिया है। इसके अलावा शेष 53 गांवों में कोई कार्य नहीं किया गया। पूरे योजना के तहत मात्र छह गांवों में पंप चालू हैं।
रालोद नेता ने अनुरोध किया है कि योजना के तहत कराए गए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच पूरे प्रदेश में कराई जाए ताकि बसपा सरकार के शासनकाल में हुए घोटाले का खुलासा हो सके। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर विकास के प्रमुख सचिव से जांच कराकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।