आरुषि-हेमराज मर्डर केस में फैसले की घड़ी करीब आ पहुंची है।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने बुधवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर महापात्रा को कोर्ट में फिर से बुलाने की डिफेंस की अर्जी खारिज कर दी।
इसके साथ ही न्यायाधीश ने केस की फाइल को फाइनल बहस में लगा दिया है। बृहस्पतिवार को फाइनल बहस सुनी जाएगी।
अपने अंतिम गवाह लंदन के डीएनए एक्सपर्ट डॉ. आंद्रे सेमिखोस्की की गवाही और जिरह पूरी होने के बाद डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर और मनोज शिशौदिया ने अर्जी देकर मांग की थी कि डॉ. बीके महापात्रा को दोबारा तलब किया जाए।
डिफेंस की अर्जी को बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने आरुषि-हेमराज मर्डर केस की फाइल को फाइनल बहस के लिए 26 सितंबर को पत्रावली पेश करने का आदेश जारी किया है।
फाइनल बहस के बाद कोर्ट जल्द ही इस मामले में फैसला सुना सकती है।
आरुषि हत्या कांड में करीब पांच साल बाद फैसला आने वाला है। साल मई 2008 में 14 वर्षीय आरुषि की हत्या नोएडा स्थित उसके घर में हुई थी। इसके कुछ ही दिन बाद घर के नौकर हमेराज का शव भी छत पर पाया गया। मामले में आरुषि के माता-पिता राजेश और नुपुर तलवार पर हत्या का आरोप है।