नए साल से ‘आपका पैसा आपके हाथ’ योजना लागू करने की घोषणा के बाद सरकार ने खाद सब्सिडी को सीधे किसानों तक पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में पायलट योजना के तहत देश के ग्यारह जिलों को शामिल किया गया है। जिसके तहत इस महीने के अंत से हरियाणा के सोनीपत, पंजाब के नवांशहर और राजस्थान के अजमेर आदि जिले के किसानों को खाद्य सब्सिडी मिलने लगेगी।
जाहिर है कि एक जनवरी से लागू होने वाली योजना में छात्रवृत्ति और वृद्धावस्था पेंशन समेत लगभग 42 योजनाओं को शामिल किया गया है। रसायन एवं खाद राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीकांत जेना ने बताया कि खाद्य सब्सिडी की पायलट योजना में आंध्र प्रदेश के पूर्व गोदावरी, राजस्थान के अजमेर, मध्य प्रदेश के होशंगाबाद, हरियाणा के सोनीपत व पंजाब के नवांशहर के अलावा कर्नाटक के दो व त्रिपुरा, हिमाचल, महाराष्ट्र व तमिलनाडु के एक जिले शामिल हैं।
जेना ने बताया कि पायलट योजना के तहत खाद की बिक्री से किसानों का वास्तविक डाटा बेस तैयार किया जाएगा। इसके अलावा आधार व कोर बैंक खाता, किसान क्रेडिट कार्ड से प्राप्त जानकारी का उपयोग भी डाटा बेस तैयार करने के लिए किया जाएगा। कैबिनेट की संस्तुति के बाद सब्सिडी मुहैया कराने के तहत देश के सभी 640 जिलों में डाटा बेस तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इसके तहत किसानों को बेची जाने वाली खाद का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है। इसके लिए सभी जिलों को मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एमएफएमएस) से जोड़ दिया गया है। योजना के तहत किसानों को पास की दुकान में उपलब्ध होने वाली खाद की रियल टाइम उपलब्धता का पता रहता है। कंपनियों को दी जाने सब्सिडी का हिस्सा किसानों को बेची जाने वाली खाद की मात्रा की जानकारी प्राप्त होने के बाद ही उन्हें दिया जाएगा।