कावेरी जल विवाद पर बढ़ते तनाव को देखते हुए डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने सोमवार को कहा कि इस मुद्दे को आपसी सद्भाव के साथ मिलजुलकर वार्ता के जरिए सुलझाना चाहिए। भाजपा शासित कर्नाटक और एआईडीएमके शासित तमिलनाडु की सरकारों को लोगों के मन में उपजे कड़वाहट को दुश्मनी में बदलने का मौका नहीं देना चाहिए।
एक रिपोर्ट में कर्नाटक के वन अधिकारियों द्वारा सीमावर्ती इलाकों से तमिल लोगों को राज्य से निकाले जाने पर उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से तनाव बढ़ता है। दोनों राज्य की सरकारों को कानून-व्यवस्था को बनाए रखते हुए कावेरी जल विवाद को ध्यान से निपटाना चाहिए। साथ ही राज्य सरकारों को कर्नाटक में रहने वाले तमिल और तमिलनाडु में रहने वाले कर्नाटक के लोगों की मदद करनी चाहिए।
गौरतलब है कि कावेरी जल विवाद के मुद्दे के मैत्रीपूर्ण समाधान के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच 29 नवंबर को हुई बैठक बेनतीजा खत्म हो गई थी।