अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने देश के सबसे बड़े हवाला डीलर माने जाने वाले हसन अली के विदेशों में छुपे काले धन के बारे में अहम जानकारी दी है।
वित्त मंत्रालय को दी गई जानकारी में एफबीआई ने अली के कई टैक्स हैवन में जमा करीब 480 अरब रुपए का लेखा जोखा दिया है। कालेधन पर बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले की आगे की जांच कर रही है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस एमबी शाह और जस्टिस ए पसायत की अगुवाई में इस एसआईटी का गठन किया गया है।
उच्चपदस्त सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाकात के दौरान भारत ने कालेधन पर अमेरिकी एजेंसियों की मदद मांगी थी।
माना जा रहा है कि जानकारी साझा करने में कंजूसी दिखा रहे एफबीआई ने मोदी की हाल की अमेरिका यात्रा को बाद इस मामले में संजीदगी दिखाई है।